Monday, March 16, 2020

ये एक समान से कोरोना वायरस आपको छू भी नही सकता है। ( These can not even touch you Corona Virous.)

आइये जानते है कैसे आपको कोरोना वायरस से बचा जाये। 

(Let us know how to protect you from corona virus.)


अभी पूरा विश्व मे कोरोना वायरस के प्रकोप से लोग सभी घबड़ाये हुये है परंतु आज के अधुनिकयुग में हम अपने पूर्वजों द्वारा उपयोग और बचाव की तौर तरीकों को हम भुलसे गए है ।हमारे पूर्वज बहुत पहिले जब सैनिटाइजर और साबुन नही थे तब वायरस को समाप्त करने के लिए निम्बू का उपयोग किया करते थे।

People all over the world are frightened by the outbreak of Corona virus, but in today's modern era, we have forgotten the methods used and saved by our ancestors.  Used to use lemon.

कोरोना वायरस जब इंसान में प्रवेश करता है, तो वह गले मे 3 से 4 दिन राहत है। और आपको गले मे खराश सुखी खाशी होती है । इसका बचाव आप लहसुन और अदरक का उपयोग करके आप वायरस को समाप्त कर सकते है और गर्म पानी मे नमक मिलाकर गरारा करे कोरोना वायरस समाप्त हो जाएगा।

When the corona virus enters a human being 3 to 4 days in the throat, it is a relief for  and you have a dry cough and sore throat.  You can protect it by using garlic and ginger, you can eliminate the virus and gargle with salt in hot water, corona virus will be eliminated.



कोरोना वायरस (Corona Virus) से अब आपको बिलकुल घबराने के जरुरत नहीं है। हाथ धोने के लिए अगर आपके पास साबुन या सैनिटाइजर नहीं भी हो तो भी ये जानलेवा वायरस छू नहीं सकता है। बस आपको बेहद आसान सा काम करना है। घर में आपको नींबू रखना है। जी हां, सुनकर आपको अजीब लगेगा, लेकिन एक नींबू आपको इस जानलेवा वायरस से बचा सकता है।

You no longer need to panic at all from Corona Virus.  Even if you do not have soap or sanitizer to wash hands, this deadly virus cannot be touched.  You just have to do a very easy job.  At home you have to keep lemon.  Yes, you will feel strange, but a lemon can save you from this deadly virus.

डाक्टर भी मानते हैं नींबू को सबसे सुरक्षित

Doctors also believe that lemon is the safest


हाथ धोने के लिए अगर आप नींबू का इस्तेमाल करते हैं तो वायरस आपके करीब भी नहीं फटक सकता है।

If you use lemon to wash your hands, the virus may not even get close to you.

भारत में हाथ धोने के लिए नींबू का इस्तेमाल पुरातन काल से ही होता रहा है। बड़े बुजुर्ग भोजन से पहले या शौच के बाद भी घर में नींबू से हाथों को साफ करते थे। हाथों को धोने के लिए इन पारंपरिक चीजों का इस्तेमाल भर से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है।

Lemon has been used since ancient times to wash hands in India.  Elder elders used to clean hands with lemon in the house before meals or even after defecation.  Corona virus infection can be avoided by using these traditional things to wash hands.

 भारतीय गांव के लिए वरदान है नींबू

(Lemon is a boon for Indian village)

देश में कोरोना वायरस फैलने के बाद ही अचानक बाजार में सैनिटाइजर की कमी हो गई है, लेकिन अभी भी आम लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं, कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथ धोना अहम है। यही वजह है कि ज्यादातर डॉक्टर बार बार हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में दूर-दराज और गांवों में, जहां सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में आप नींबू का रस हाथों में मल कर धो सकते हैं। हाथों को साफ रखने का ये एक सटीक और पारम्परिक तरीका है।

After the spread of corona virus in the country, there has been a sudden lack of sanitizer in the market, but the common people still do not understand that it is important to wash hands to avoid corona virus.  This is the reason why most doctors are recommending washing hands frequently.  So far in remote and villages, where sanitizer is not available.  In such a situation, you can wash lemon juice in hands.  This is an accurate and traditional way of keeping hands clean.


एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है नींबू में (Lemon has antimicrobial properties)

एक शोध के मुताबिक बैक्टीरिया को मारने में नींबू काफी प्रभावशाली है दि जरनल ऑफ फंक्शनल फूड्स में बताया गया है कि इकोलाई जैसे महामारी से लड़ने के लिए नींबू का रस काफी प्रभावी रहा। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसी भी संक्रमण के दौरान आपको सैनिटाइजर या साबुन नहीं भी मिलता है तो नींबू के रस से हाथ धोकर बीमारियों से बचा जा सकता है।

According to a research, lemon is very effective in killing bacteria. The Journal of Functional Foods reported that lemon juice was very effective in fighting pandemics like Ecolai.  Scientists say that if you do not get sanitizer or soap during any infection, then by washing hands with lemon juice, diseases can be avoided.

ऐसे करें नींबू से हाथ साफ

(How to clean hands with lemon)

जानकारों का कहना है कि हाथों को साफ करने के लिए सबसे पहले नींबू का रस को हथेली पर निचोड़ें। रस को दोनों हाथोमें अच्छे से मलें। इसके बाद साफ पानी में दोनो हाथों को अच्छे से धो लें। किसी साफ कपड़े से हाथों को सुखा लें।

Experts say that to clean hands first squeeze lemon juice on the palm.  Rub the juice thoroughly in both hands.  After this wash both hands thoroughly in clean water.  Dry hands with a clean cloth.


नोट :- मैं अपने ब्लॉग से वायरस के बचाव के बारे में बताया है जो हमारे पूर्वज प्राचीनतम विधि से उपयोग करते थे । आप इसके उपयोग के साथ डॉक्टर की सलाह अवस्य ले।

Note: - I have told from my blog about the protection of viruses which our ancestors used by the oldest method.  You should take doctor's advice with its use.

Saturday, March 14, 2020

ये शिलाजीत से भी गजब के फायदेमंद है जो बूढ़े में भी जवानी जैसी तागत लाये (It is more beneficial than Shilajit who brings youth like youth even in old age)

अश्वगंधा प्रकृति का दिया हुआ एक ऐसा उपहार है, जो शारीरिक शक्ति को बढ़ाता है, यदि अश्वगंधा का सेवन किया जाए तो इससे बूढ़ा इंसान भी 16 से 20 साल के जवान व्यक्ति की तरह हो जाता है यानी उसके अंदर16 से 20 साल के जवान की तरह ताकत आ जाती है।

आइए जानते हैं अश्वगंधा के सेवन से मिलने वाले लाभदायक के बारे में


शारीरिक शक्ति बढ़ाने में फायदेमंद है :-


अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं , तो इसका सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है, कि यह पुरुषों की शारीरिक क्षमता को वृध्दि करता है , यदि आप शिलाजीत का सेवन करते हैं तो आपको मिर्च मसाले खटाई और अधिक नमक के सेवन से बचना चाहिये।
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तनाव की समस्या होगा दूर :-

आजकल के समय में लोगों का जीवन काफी व्यस्त हो गया है जिसकी वजह से तनाव का होना आम बात सी हो गई है, यदि आप भी तनाव में रहते हैं तो अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिये अश्वगंधा का सेवन करने से तनाव को पैदा करने वाले हार्मोन संतुलित हो जाते हैं ,जिसकी वजह से व्यक्ति को टेंशन की समस्या से निजात मिलती है।

शरीर में ऊर्जा बढ़ाने का काम करता है :-


अगर आप शिलाजीत का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर में तुरंत ऊर्जा आ जाती है ।अश्वगंधा का सेवन ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना गया है, इसमें विटामिन और प्रोटीन अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं जिसकी उपयोग से आपके शरीर में ऊर्जा बढ़ती है।

हड्डियों को मजबूत बनाये :-


अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं, तो हड्डियों से संबंधित सभी बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द और गठिया और शरीर की कमजोरी की समस्या दूर होती है शिलाजीत के सेवन से आपकी हड्डियां मजबूत और शक्तिशाली बनती हैं।

ब्लड प्रेशर में लाभदायक :-


आप शिलाजीत का सेवन करके ब्लड प्रेशर की समस्या को सामान्य कर सकते हैं, अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर में खून साफ होता है और शरीर के नसों में रक्त संचार सही प्रकार से होता है।

अश्वगंधा का सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही फायदेमंद माना गया है, अगर आप शिलाजीत का सेवन करते हैं तो बहुत सी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। इसका सेवन करके पुरुषों की कई समस्याएं दूर होती हैं।

Saturday, October 12, 2019

गर्म पानी पीने के क्या फायदे? (What are the benefits of drinking hot water?)

एक गिलाश गर्म पानी पीने से दूर करे कई परेशानी



एक कहावत है कि जल ही जीवन है यह बात सही है जल के बिना मनुष्य हो या जानवर कोई भी जीवित नही रह सकता है।गर्म पानी पीने में भले ही अच्छा न लगे लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ आपको जरूर इसे पीने पर मजबूर कर देंगे, यूं तो 8 से 10 गिलाश पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन अगर दिन में तीन चार बार गर्म पानी पीने की आदत डाल लिया जाए तो शरीर को बीमारियों से आसानी से बचाया जा सकता है।

A drink can relieve many problems by drinking hot water



 There is a saying that water is life. It is true that no man or animal can live without water. Even if it is not good to drink hot water, its health benefits will definitely make you drink it.  So drinking 8 to 10 gilash water is very important for the body, but if habit of drinking hot water three to four times a day is used then the body can be easily protected from diseases.





गर्म पानी या  गुनगुना पानी बहुत ही लाभदायक होता है,जहां ठंडा पानी पाचन शक्ति को धीमा करता है वहीं गुनगुना पानी पाचन शक्ति सुचारू रूप से चलाता है। गर्म पानी से निकलने वाला भाप साइनस से होने वाले सिरदर्द में आराम पहुचाता है। गर्म पानी पीने से पाचन क्रिया काफी अच्छी रहती है और इससे पेट में गैस नहीं बनता है । खाना खाने के बाद गुनगुना गर्म पानी पीने से खाना जल्दी पच जाता है और पेट हल्का हल्का रहता है, जिन लोगों को गठिया की परेशानी है, उन्हें गर्म पानी जरूर पीना चाहिए। इससे नर्वस सिस्टम भी शांत रहता है। गरम पानी पीने से शरीर का एंडोक्राइन सिस्‍टम सुचारू हो जाता है जिससे पसीना काफी निकलता है। यह एक प्रकार का पसीना होता है जो शरीर से निकल रहा होता है और यह शरीर के लिए लाभदायक होता है। वहीं ऐसा माना जाता है कि गर्म पानी पीने से पेट की चर्बी तेजी से गलती है। इसलिए ऐसा पानी पीना स्वास्थ्य के लिये बेहतर है। गर्म पानी को स्ट्रेस बूस्टर भी कहा जाता है। नींबू और शहद वाला गर्म पानी भी पीने से पेट की  चर्बी तेजी से गलता है।

Hot water or lukewarm water is very beneficial, where cold water slows the digestive power while lukewarm water makes the digestive power run smoothly.  Steam emanating from hot water gives relief in sinus headache.  Digestive activity is very good by drinking hot water and it does not produce gas in the stomach.  Drinking lukewarm water after eating food digests food quickly and keeps the stomach light, people who have arthritis problem must definitely drink hot water.  This also keeps the nervous system calm.  By drinking hot water, the endocrine system of the body becomes smooth due to which perspiration is exhaled.  It is a type of sweat which is coming out of the body and it is beneficial for the body.  At the same time, it is believed that drinking hot water is a mistake for fasting abdominal fat.  Therefore, drinking such water is better for health.  Hot water is also called stress booster.  Drinking warm water with lemon and honey also makes the belly fat fast.

1. वजन कम करे में सहायक :-

अगर आपका वजन लगातार बढ़ रहा है और आपकी लाख कोशिशों के बावजूद भी कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है तो आप गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर लगातार तीन महीने तक पिएं। आपको फर्क जरूर महसूस होगा, अगर आप ये स्वास्थ्य जल नहीं पीना चाहते हैं तो आप खाना खाने के बाद एक कप गुनगुना गर्म पानी पीना शुरू करें आपको इसका लाभ जरूर दिखेगा।गर्म पानी पीने से शरीर मे अतिरिक्त वसा को भी बाहर निकाल देता है जिससे आपका वजन कम हो जाता है।

1. Help in reducing weight: -


 If your weight is increasing continuously and despite your millions of efforts, there is no difference, then you drink honey and lemon mixed with hot water and drink it continuously for three months.  You will definitely feel the difference, if you do not want to drink this health water then you start drinking a cup of lukewarm water after eating. You will definitely see its benefit. Drinking hot water also removes excess fat in the body, so that  You lose weight.


2. सर्दी-जुकाम से छुटकारा :-

बदलते मौसम में  अगर छाती में जकड़न और जुकाम की शिकायत रहती है तो गर्म पानी पीना आपके लिए रामबाण से कम नहीं है। गर्म पानी पीने से गला भी ठीक रहता हैऔर गले मे खरास भी नही होता है।गर्म पानी के सेवन से आराम मिलता है।यह शरीर के विषैले पदार्थ को भी बाहर निकाल देता है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

2. Get rid of cold and cold: -


 If there are complaints of chest tightness and cold in the changing season, then drinking hot water is nothing less than a panacea for you.  Drinking warm water also keeps the throat fine and does not cause a sore throat. Consumption of hot water provides relief. It also flushes out the body's toxic material, which also increases immunity.

3. पीरियड्स के दर्द में राहत:-

पीरियड्स में अगर आपका सरदर्द रहता है तो गर्म पानी पीने से राहत दिलाता है । इस दौरान गर्म पानी से पेट की सिकांई करने से भी काफी फायदा मिलता है और गर्म पानी पीने से मांसपेशिया की ऐंठन में भी राहत दिलाता है।

3. Pain relief of periods: -


 If you have headache during periods, drinking hot water gives relief.  During this time, compressing the stomach with warm water is also very beneficial and drinking hot water also relieves muscle spasms.

4. शरीर को करे डिटॉक्‍स :-

गर्म पानी पीने से शरीर को डिटॉक्‍स करने में मदद मिलती है और यह शरीर की सारी अशुद्धियां को बहुत आसानी से साफ कर देता है। गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ने लग जाता है, जिससे पसीना आता है और इसके माध्यम से शरीर की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं ।यह शरीर मे जमे अतिरिक्त वसा को भी हटा देता हूं।

4. Detox the body: -


 Drinking hot water helps in detoxing the body and it cleans all the impurities of the body very easily.  Drinking hot water causes the body temperature to rise, which causes sweating and through this the impurities of the body are removed. It also removes excess fat in the body.

5. उम्र को जवा रखे :-

चेहरे पर झुर्रिया आपको परेशान करने लगती हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। आज ही से गर्म पानी पीना शुरू कर दें और कुछ ही हफ्तों में देंखेगे इसका चमत्कार। त्‍वचा में कसाव आने लगेगा और यह चमकदार ग्लो भी हो जाएगी।

5. Keep the age alive: -


 There is nothing to worry if the wrinkles on your face start bothering you.  Start drinking hot water from today and will see its miracle in a few weeks.  The skin will start to tighten and it will also glow bright.

6. बालों के लिए है लाभदायक :-

इसके अलावा गर्म पानी का सेवन से बालों और त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इससे बाल चमकदार बनते हैं और यह इनकी ग्रोथ के लिए के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

6. Is beneficial for hair: -

 Apart from this, consuming hot water is also very beneficial for hair and skin.  This makes the hair shiny and it is also very beneficial for their growth.

7. पेट को रखे सुचारू :-

गर्म पानी पीने से पाचन क्रिया अच्छी रहती है और यह गैस की समस्या में भी राहत दिलाता है। खाना खाने के बाद एक कप गर्म पानी पीने का आदत जरूर डालें। ऐसा करने से खाना जल्‍दी पच जाता है और पेट हल्‍का हल्का रहता है।

7. Keep the stomach smooth: -


 Drinking warm water helps in digestion and relieves gas problems.  After eating food, definitely make a habit of drinking one cup of hot water.  By doing this, the food gets digested quickly and the stomach is light.


8. ब्‍लड  सर्कुलेशन को ठीक रखे :-

शरीर को ठीक से चलाने के लिए खून का संचार पूरी शरीर में सही से होना बहुत जरूरी है और इसमें गर्म पानी पीना बहुत ही लाभदायक रहता है।

8. Keep blood circulation correct: -


 In order to keep the body running properly, it is very important for the circulation of blood throughout the body and drinking hot water is very beneficial in it.

9.शरीर में एनर्जी  लाये :-

सॉफ्ट ड्रिंक की जगह गुनगुना पानी या नींबू पानी पीने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ेगा और पाचन क्रिया भी सही रहेगा।

9. Bring energy into the body: -


 Drinking lukewarm water or lemonade instead of soft drinks will increase your energy level and digestion will also be right.

10. जोड़ों का दर्द में लाभदायक :-

गर्म पानी पीने से जोड़ो में चिकना बनाता है और जोड़ो का दर्द भी कम करता है। हमारी मांसपेशियों का 80 प्रतिशत भाग पानी से बना हुआ है इसलिए पानी पानी से मांसपेशियों की ऐंठन भी दूर होती है।

10. Beneficial in joint pain: -


 Drinking warm water makes joints smooth and also reduces joint pain.  80 percent of our muscles are made up of water, so water can also relieve muscle spasms.

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Friday, September 27, 2019

सहजन पेड़ नही मानव के लिए कुदरत का वरदान है।

                   एक पेड़ अनेक गुण

सहजन के पेड़ को ड्रमस्टिक(drumstick) या मोरिंगा(Moringa) के नाम से जाना जाता है त्रिकोणीय मुड़ी हुआ फल है। सहजन के फायदे गुण लाभ अनेक है सहजन के पेड़ पर वर्ष में एक बार फूल और फिर फल लगते हैं। इसका फल पतला लंबा और हरे रंग का होता है जो पेड़ के तने से नीचे लटका होता है। सहजन के पेड़ का हर एक हिस्सा बहुत फायदेमंद होता है और खाने के साथ ही बीमारियों के भी इलाज में उपयोग किया जाता है।सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके अलग-अलग हिस्सों में 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। इसमें 92 तरह के मल्टीविटामिन्स, 46 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं। चारे के रूप में इसकी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुना और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि की रिपोर्ट है। यही नहीं इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में सवाया से अधिक की बृद्धि होती है। इतने गुणों के नाते सहजन चमत्कार से कम नहीं है।

सहजन का उपयोग :-

सहजन की पत्तियां एवं फूल घरेलू उपचार में हर्बल मेडिसिन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके फूलों एवं फलों को सब्जियों के रूप में उपयोग किया जाता है। सहजन का गुदा और बीज सूप, करी और सांभर में इस्तेमाल किया जाता है। सहजन का सूप इसकी पत्तियों, फूलों, गूदेदार बीजों से बनाया जाता है जो कि बहुत ही पोषक युक्त होता है और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।इसके फूल, फली और टहनियों को अनेक उपयोग में लिया जा सकता है। भोजन के रूप में अत्यंत स्वादिष्ट और पौष्टिक है और इसमें औषधीय गुण भी हैं। इसमें पानी को शुद्ध करने के गुण भी मौजूद हैं। सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और छाल पत्ती, गोंद, जड़ आदि से दवाएं तैयार की जाती हैं। सहजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में है। सहजन में दूध की तुलना में ४ गुना कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है।



अनेकों अवषधिय गुण :-

सहजन की छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़ें नष्ट होते है और दर्द में आराम मिलता है। सहजन के कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होती है। सहजन की जड़ का काढे को सेंधा नमक और हींग के साथ पीने से मिर्गीसहजन की फली वात व उदरशूल में पत्ती नेत्ररोग, मोच ,शियाटिका ,गठिया में उपयोगी है। सहजन की जड़ दमा, जलोधर, पथरी,प्लीहा रोग के लिए उपयोगी है। छाल का उपयोग शियाटिका ,गठियाए,यकृत आदि रोगों के लिए श्रेयष्कर है। सहजन के विभिन्न अंगों के रस को मधुर,वातघ्न,रुचिकारक, वेदनाशक,पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वातए व कफ रोग शांत हो जाते है, इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया, शियाटिका ,पक्षाघात,वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है, शियाटिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा तीव्र गति से चमत्कारी प्रभाव दिखता है।

सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है। सहजन को अस्सी प्रकार के दर्द व बहत्तर प्रकार के वायु विकारों का शमन करने वाला बताया गया है। सहजन की सब्जी खाने से पुराने गठिया ए जोड़ों के दर्दए वायु संचय , वात रोगों में लाभ होता है। सहजन के ताज़े पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है। सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है। सहजन की जड़ की छाल का काढा सेंधा नमक और हिंग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है। सहजन के पत्तों का रस बच्चों के पेट के कीड़े निकालता है और उलटी दस्त भी रोकता है। सहजन फली का रस सुबह शाम पीने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है। सहजन की पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा के दौरों में लाभ होता है। सहजन की पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सुजन ठीक होते है। सहजन के पत्तों को पीसकर गर्म कर सिर में लेप लगाए या इसके बीज घीसकर सूंघे तो सर दर्द दूर हो जाता है। सहजन के बीज से पानी को काफी हद तक शुद्ध करके पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बीज को चूर्ण के रूप में पीस कर पानी में मिलाया जाता है। पानी में घुल कर यह एक प्रभावी नेचुरल क्लैरीफिकेशन एजेंट बन जाता है। यह न सिर्फ पानी को बैक्टीरिया रहित बनाता है बल्कि यह पानी की सांद्रता को भी बढ़ाता है जिससे जीवविज्ञान के नजरिए से मानवीय उपभोग के लिए अधिक योग्य बन जाता है।

सहजन के गोंद को जोड़ों के दर्द और शहद को दमा आदि रोगों में लाभदायक माना जाता है। सहजन में विटामिन सी की मात्रा बहुत होती है। विटामिन सी शरीर के कई रोगों से लड़ता है खासतौर पर सर्दी जुखाम से। अगर सर्दी की वजह से नाक कान बंद हो चुके हैं तोए आप सहजन को पानी में उबाल कर उस पानी का भाप लें। इससे जकड़न कम होगी। सहजन में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है जिससे हड्डियां मजबूत बनती है। इसके अलावा इसमें आयरन , मैग्नीशियम और सीलियम होता है।सहजन का जूस गर्भवती को देने की सलाह दी जाती है। इससे डिलवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलवरी के बाद भी मां को तकलीफ कम होती है। सहजन में विटामिन ए होता है जो कि पुराने समय से ही सौंदर्य के लिये प्रयोग किया आता जा रहा है। इस हरी सब्जी को अक्सर खाने से बुढापा दूर रहता है। इससे आंखों की रौशनी भी अच्छी होती है।सहजन का सूप पीने से शरीर का रक्त साफ होता है। पिंपल जैसी समस्याएं तभी सही होंगी जब खून अंदर से साफ होगा।

सहजन के फूल के फायदे यूटीआई के रोगों में :-

सूजन को कम करने वाली हर्बल क्रीम और मसल्स की पीड़ा को दूर करने वाली क्रीम बनाने में सहजन के फूलों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा सहजन के फूलों का चाय बनाकर पीने से इसमें मौजूद पोषण की वजह से महिलाओं में यूटीआई की समस्या खत्म हो जाती है। इसके अलावा बच्चे को दूध पीलाने वाली महिलाओं को सहजन के फूलों का सेवन करने से दूध बढ़ता है।

सहजन के गुण स्पर्म बढ़ाने में सहायक :-

विटामिन के अलावा जिंक, कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल सहजन (drumstick) में पाये जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। पुरुषों में स्पर्म बनने में जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और कैल्शियम खून की कमी नहीं होने देता है। सहजन की छाल में पाये जाने वाले यौगिक पतले सीमेन (semen) की समस्या को खत्म कर स्पर्म की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं।

सहजन के लाभ वजन घटाने में :-


एक शक्तिशाली मूत्रवर्धक का कार्य करने के कारण सहजन का इस्तेमाल करने से यह वजन घटाने में मदद करता है। यह एंटीबायोटिक और पेनकिलर का भी काम करता है और सूजन एवं दर्द दूर करने में सहायक होता है। इसकी सब्जी खाने से क्षतिग्रस्त कोशिकाओं के मरम्मत में यह मदद करता है।

सेक्स के आनंद के लिए सहजन है गुणकारी :- 

यौन रोगों को दूर कर यौन शक्ति बढ़ाने, उत्तेजना पैदा करने और जननांगों की बीमारियों को दूर करने में भी सहजन का उपयोग बहुत लोकप्रिय है। अच्छा यौन सुख प्राप्त करने के लिए सहजन के फली का उपयोग किया जाता है।

भोजन पचाने में सहायक :-

विटामिन B-कॉम्पलेक्स एवं फोलिक एसिड, पाइरीडॉक्सिन सहजन की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है यह ये सभी तत्व भोजन को आसानी से पचने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। सहजन के पत्तियों में मौजूद विटामिन पाचन क्रिया को नियंत्रित करते हैं। इसकी सूखी पत्तियों का पावडर गर्म पानी से सेवन किया जा सकता है।

सहजन के फायदे चेहरे पर ग्लो के लिए :- 

पोषक तत्व जैसे विटामिन बी, प्रो विटामिन, बीटा-कैरोटीन और प्रोटीन आदि सहजन के पत्तियों में अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल चेहरे पर चमक लाने और बालों की अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। सहजन की हरी पत्तियों को पीसकर चेहरे एवं बालों में लगाने से फायदा मिलता है।

सहजन के फायदे पानी को शुद्ध करने में :- 

स्वाद में मूली की तरह ही सहजन की जड़ का स्वाद होता है। सहजन का कटा हुआ जड़ की कुछ मात्रा मसालों के रूप में उपयोग की जाती है। इसका प्रयोग परफ्यूम, दवा, उर्वरक और पानी को शुद्ध करने के लिए किया जा सकता है। इसलिए इसके जड़ को बहुत उपयोगी माना जाता है।

सहजन की जड़ के फायदे बीमारियों के इलाज में :- 

एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होने के कारण सहजन की जड़ों का उपयोग बहुत सी बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। सहजन अस्थमा, पाचन की बीमारी, गैस, त्वचा की समस्याएं, थायरॉइड और सूजन को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है।

सहजन के तेल के फायदे मुंहासे के लिए :-

सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है जो बिना महक के एवं साफ होता है और इस तेल में बेहेनिक एसिड  की अधिक मात्रा पायी जाती है। सहजन के तेल को चेहरे पर लगाने से मुंहासे के दाग धब्बे  एवं ब्लैक स्पॉट दूर हो जाते हैं और चेहरा एकदम साफ हो जाता है। सहजन के बीज का प्रयोग शरीर एवं चेहरे को पोषण देने के लिए फेशियल मास्क और बॉडी मास्क के रूप में भी किया जाता है।h

सहजन की पत्तियों के फायदे पोषक तत्वों के लिए :- 

पालक की ही तरह  सहजन की पत्तियों को पकाकर खाने से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम प्राप्त हो जाता है। इसके अलावा इसके पत्तियों को सूखाकर पावडर का इस्तेमाल किया जा सकता है या  सूप बनाकर पोषक तत्वों को प्राप्त किया जा सकता है।

त्वचा को जवा बनाये रखे :-

त्वचा पर होने वाली कोई समस्या या त्वचा रोग के लिए सहजन बेहद लाभदायक है। इसकी कोमल पत्त‍ियों और फूलों को भी सब्जी के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जो आपको त्वचा की समस्याओं से दूर रखकर जवां बनाए रहने में भी मददगार है।

माहवारी की समस्या में फायदा :-

महिलाओं के लिए सहजन का सेवन फायदेमंद होता है। यह माहवारी संबंधी परेशानियों के अलावा गर्भाशय की समस्याओं से भी बचाए रखता है और बेहतर सेहत प्रदान करता है।

रोग-प्रतिरोधक बढ़ाने में :-

सहजन में विटामिन सी का स्तर उच्च होता है जो आपकी रोग प्रतरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई बीमारियों से आपकी रक्षा करता है। तो अगर बीमारियों को दूर रखना है तो सहजन से दूरी न बनाएं।


बबासीर की समस्या में लाभ :-

बवासीर जैसी समस्याओं का इलाज भी सहजन के पास है। इसका सेवन करते रहने से बवासीर और कब्जियत की समस्या नहीं होती। वहीं पेट की अन्य बीमारियों के लिए भी यह फायदेमंद है।

सहजन के नुकसान :-

सहजन के फायदे आपने जाने लेकिन अधिक मात्रा में सहजन का सेवन से आपको इससे नुकसान भी हो सकता है आइये जानते है सहजन के नुकसान क्या है :-

१  प्रेगनेंट महिलाओं को सहजन का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात का खतरा बना रहता है।

२  सहजन की पत्तियों में लैक्जेटिव गुण होता है जिसकी वजह से पेट गड़बड़ हो सकता है और अधिक सेवन करने पर सीने में जलन और डायरिया हो सकता है।

३  जिन लोगों का रक्त अधिक पतला है और वे किसी दवा का सेवन कर रहे हों उन्हें सहजन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खून को अत्यधिक पतला कर देता है।





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Sunday, September 1, 2019

व्यर्थ की चिंता नही करना चाहिए।(moral story in hindi)

          भगवान पर हमेशा विश्वास करना चाहिये


एक नगर में  बहुत ही पहुंचे हुए संत थे| आस-पास के कई गावों में संत के अनुयायी रहते थे| उन्हीं अनुयाइयों में संत का एक प्रिय शिष्य था सचितानंद| सचितानंद स्वाभाव से बहुत ही सीधा साधा भोला और साधारण व्यक्ति थे| सचितानंद हमेशा भगवान् की भक्ति में डूबा रहते थे| संत हमेशा सचितानंद को आश्रम आने और भक्तों को सही मार्ग दिखाने के लिए कहते लेकिन सचितानंद हमेशा घर परिवार का बहाना  बनाकर  टाल देते थे|

सचितानंद हमेशा कहाँ करते थे, मेरे बिना मेरी स्त्री और पुत्र नहीं रह सकते! मेरे अलावा उनका कोई सहारा नहीं है| मेरे बिना उनका भरण-पोषण कैसे होगा|

संत हमेशा सचितानंद को समझाया करते की यह सब तुम्हारा भ्रम है, जैसा तुम सोचते हो वैसा बिलकुल भी नहीं है, अगर भगवान् ने किसी को जन्म दिया है तो उसके जीवन यापन  के लिए भी उसने कुछ न कुछ वयवस्था ज़रूर किये है| तुम व्यर्थ की चिंता मत करो|

एक दिन जब सचितानंद संत के पास सत्संग के लिए गया तो संत ने फिर सचितानंद को वही फिर बात समझाई और कहा की अगर तुम्हें देखना है तो तुम परीक्षा करके देख सकते हो| सचितानंद मान गये|


संत ने सचितानंद को प्राणायाम के द्वारा साँस रोकने की विद्या सिखा दी| कुछ दिनों बाद जब सचितानंद परिवार के साथ नदी में नहाने गये तो वह साँस रोककर नदी के दूसरी और निकलकर जंगल में छुप गये और संत के आश्रम पहुँच गये|
इधर सचितानंद के परिवार वालों ने सचितानंद को बहुत ढूंढा लेकिन सचितानंद नदी में कहीं नहीं मिले| सचितानंद के परिवार वालों ने यह सोचकर की सचितानंद नदी में डूबकर कहीं दूर बह गये होंगे|


पुरे गाँव में शोक की लहर दौड़ पड़ी| सचितानंद को जानने-पहचानने वालों का सचितानंद के घर ताँता लग गया| संत के सभी अनुयायी भी सचितानंद के घर गए| अनुयाइयों ने देखा की सचितानंद तो बिचारा मर गये और पीछे उनकी स्त्री और बच्चा रह गए है| अब इनके भरण पोषण की ज़िम्मेदारी हम सभी के है , आपस मे विचार किये।

बस फिर क्या था सबने अपनी-अपनी तरफ से सहायता देना शुरू कर दी| किसी ने आटे की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने दाल की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने चावल की व्यवस्था करने की ज़िम्मेदारी ली| धीरे-धीरे सारी व्यवस्था हो गई|


संत के अनुयाइयों ने गाँव की ही एक धर्मशाला में कमरा लेकर सदानंद  की स्त्री और उसके पुत्र की जरुरत की सारी चीजे रखवा दी| साथ ही दूध और बाकि खर्चों के लिए उसके महीने का खर्चा बांध दिया| इस तरह संत की अनुयाइयों ने बिना संत के कुछ कहे ही सदानंद  के परिवार के लिए सारी व्यवस्था कर दी।

कुछ दिनों बाद सचितानंद  की स्त्री संत के दर्शन हेतु आश्रम आई| संत ने सचितानंद की स्त्री से पुछा, “तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं है ?

सचितानंद की स्त्री ने हाथ जोड़ते हुए विनम्रतापूर्वक जवाब दिया, महाराज! जो व्यक्ति चला गया उसकी पूर्ति तो नहीं की जा सकती, लेकिन हमारा जीवन निर्वहन पहले से भी अच्छा हो रहा है|

संत ने आश्चर्य से पूछा, पहले से भी अच्छा कैसे ?
सचितानंद की स्त्री ने आदर पूर्वक जवाब देते हुए कहा, महाराज! आपके अनुयाइयों ने ज़रूरत की सभी चीजे पहले ही धर्मशाला में रखवा दी है और मेरे जरुरी खर्चों के लिए भी रुपये बांध दी है| अब जब भी जिस भी वास्तु की जरुरत होती है सब मिल जाता है|

इधर सचितानंद आश्रम के अन्दर बैठा साथ और उसकी स्त्री की सारी बातें सुन रहा था| सचितानंद की स्त्री के जाने के बाद संत ने सचितानंद से कहा की तू अब अपने घर जाकर देखो की जो तुम्हारी स्त्री ने कहा क्या वह सत्य है या फिर नहीं|
सचितानंद रात के समय अपने घर गया और बाहर से ही दरवाजा खटखटाया| सचितानंद की स्त्री ने अन्दर से ही पूछा, कौन है ?

सचितानंद बोला, में हूँ…तुम्हारा पति, दरवाजा खोलो। सचितानंद की आवाज सुनकर सचितानंद की स्त्री ने सोचा की सचितानंद की तो मृत्यु हो चुकी है| यह जरुर सचितानंद का भुत होगा|

सचितानंद की स्त्री बोली, नहीं! में दरवाजा नहीं खोलती
सचितानंद बोला, मैं मरा नहीं हूँ… तुम दरवाजा खोलो।
सचितानंद की स्त्री बोली, बच्चे अगर तुम्हें देखेंगे तो डर के मारे उनके प्राण निकल जाएँगे| इसलिए कृपा करके आप चले जाओ|


सचितानंद बोला, लेकिन मेरे बिना तुम्हारा काम कैसे चलेगा ?
स्त्री बोली, संत के अनुयाइयों की कृपा से पहले से भी बढ़िया काम चल रहा है| आप चिंता मत करो! बस आप कृपा करके यहाँ से चले जाओ|


सचितानंद बोला, तुम्हें कोई दुःख तो नहीं ?
स्त्री बोली,  अभी तो बस यही दुःख है की आप आ गए| बस आप न ऐ तो फिर कोई दुःख नहीं| कृपा करके आप मत आइये|

शिक्षा :-

व्यर्थ की चिंता नही करि चाहिए इंसान चिंता कर कर के अनेक रोग बीमारी को बुलावा देता है। भगवान जिस भी जीव को जन्म दिए है उनका भरण- पोषण के लिए कोई न कोई वयवस्था जरूर किये रहते है। अतः हमें भगवान पर हमेशा विश्वास करना चाहिये।

Saturday, August 31, 2019

लहसुन और शहद के चमत्कारी फायदे ( The miraculous benefits of garlic and honey )

लहसुन और शहद के उपयोग से घोड़े जैसा फुर्ती पाये।

Get horselike agility by using garlic and honey.


लहसुन का उपयोग आमतौर पर हम सब्जी को स्वादिष्ट बनाने के
लिए करते है, पर लहसुन के उपयोग से हम कई तरह के शारीरिक रोगों से छुटकारा पा सकते है।

Usually we use garlic to make the vegetable tasty
 Let's use garlic but we can get rid of many physical diseases.

शहद और लहसुन दोनों ही ऐसी चीजें हैं जिनका उपयोग करने से हमारे शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं। एक तरफ जहां शहद में एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं, तो वहीं लहसुन में एलिसिन और फाइबर शामिल होता है जोकि हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप शहद और लहसुन को मिलाकर इसका सेवन करते हैं, तो इससे आपको किस तरह के फायदे होंगे।

Both honey and garlic are things that our body has many benefits from using.  While honey has antioxidant properties, garlic contains allicin and fiber which is beneficial for our body.  Today we tell you that if you consume honey and garlic by mixing it, then what kind of benefits will you get from it.



अदरक और लहसुन दोनों में एंटी फंगल, एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं। इसे साथ में खाने से बॉडी के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी पूरी होती है। 

Both ginger and garlic have anti fungal, anti septic and anti inflammatory properties.  By eating it together, the deficiency of nutrients required by the body is fulfilled.


1. वजन कम करने में सहायक :-

शहद और लहसुन को मिलाकर इसका सेवन करने से हमारे शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है। इसी के साथ मोटापे से  आपको छुटकारा मिलता है।

1 Helpful in reducing weight: -

Consuming this by mixing honey and garlic reduces the excess fat present in our body.  With this, you get rid of obesity.



2.हिर्दय रोग में फायदा :-

लहसुन और शहद का सेवन करने से हमारे शरीर मे कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे दिल से संबंधि समस्याओं का खतरा कम रहता है।

2. Benefits in heart disease: -

Consuming garlic and honey reduces cholesterol in our body, which reduces the risk of heart related problems.


3. दाँतो को मजबूत करे :-

अगर आपके दांत कमजोर हो रहें हैं तो ऐसे में आप लहसुन और शहद का उपयोग करे इससे आपके दाँत मजबूत बनाता हैं। इसमें फास्फोरस और एंटीसेप्टिक गुण होता है जो दाँत के दर्द और दांतों से जुड़ी समस्यायों को दूर करता है।

3. To strengthen the teeth: -

If your teeth are becoming weak, then you use garlic and honey, this makes your teeth strong.  It has phosphorus and antiseptic properties, which relieves tooth pain and dental problems.


4. सर्दी जुकाम से राहत :-

लहसुन और शहद का सेवन करने से हमारे शरीर का तापमान बढ़ती है जिससे सर्दी और जुकाम जैसी समस्या कुछ ही समय में दूर हो जाती है। इससे गले की खराश भी दूर हो जाती है, क्योकि इसमे एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं।

4. Relief from cold cold: -

Consuming garlic and honey increases the temperature of our body due to which problems like colds and colds are overcome in no time.  It also removes sore throat, as it has anti septic and anti inflammatory properties.

5. इंफेक्शन में लाभ :-

अगर आपको किसी भी तरह का इंफेक्शन हो, तो ऐसे में आप लहसुन और शहद के मिश्रण का सेवन कर सकते हैं। इसका उपयोग करने से आपको फंगल इंफेक्शन में फायदा मिलता है, क्योकि इसमे एन्टी-फंगल गुण होता है।

5. Benefits in infection: -

If you have any kind of infection, you can take a mixture of garlic and honey.  Using it gives you an advantage in fungal infections, as it has anti-fungal properties.

6. पुरुषार्थ में फायदा :-

शुध्द शहद को बिना गर्म किये आप सेवन करेगे तो यह पुरुषार्थ और प्रजनन में लाभ पहुचाता है क्योंकि इसमें अनेक प्रकार के विटामिन्स जैसे जिंक और विटामिन E पाया जाता है, जो आपके सेक्सुअल जीवन को बेहतर बनाने के लिए बहुत उपयोगी है ।आप रात को सोते वक्त शहद और लहसुन का सेवन करते है तो यह आपके सेक्सुअल स्टैमिना और प्लेज़र को बढ़ा देता है।

6. Advantage in effort: -
If you consume pure honey without heating, it benefits in effort and fertility because it contains many types of vitamins like zinc and vitamin E, which is very useful to improve your sexual life. You sleep at night.  When you consume honey and garlic, it increases your sexual stamina and placer.

सावधानिया :-

लहसुन गर्म प्राकृतिक का होता है और शहद भी इसका उपयोग आप अपने प्राकृतिक देख कर सेवन करे। अगर आपको इसका उपयोग से सिने में जलन हो तो आप खाना खाने के एक घंटा बाद सेवन करे बाद में धीरे धीरे बढ़ा दें।

Precautions: -

Garlic is of hot natural and honey should also be used after watching it natural.  If you have a burning sensation in the cine, you should consume it after one hour of eating and then gradually increase it.

Monday, August 19, 2019

पपीता के एक पत्ता से अनेक रोगों को कोसों दूर करे

आप सभी लोग पपीता के पका फल खाएं होंगे और बहुत जगहों पर कच्चे पपीते के सब्जी के रूप में उपयोग होता है। आज हम आपको पपीता के पत्ते के अवषधि के गुणों के बारे में जानकारी देंगे। इसके पत्ते में A, B,C,D,E और कैल्शियम की मात्रा होती है।

आपके शरीर मे जितने भी रोग है ,वह पपीते के पत्ते के रस के उपयोग से  दूर हो सकते है।आजकल लोग अपने शरीर के प्रति बहुत ही सजग रह रहे है। पपीता के पत्ते कई खतरनाक बीमारियों में असरदार होता है जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, कैंसर इत्यादि।
जिसप्रकार पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है उसी प्रकार पपीता के पत्तियों से निकाला गया रस हमे बहुत लाभ पहुचाता है। पपीता के पत्ते का रस अनेक बीमारियों में लाभ दिलाता है।


पपीता के पत्ते में कारपेन नामक एल्कलाइन होता है जिसमें किमोप्रोटेक्टिव इफेक्ट होता है जो कई घातक बीमारियों को ठीक करता है। इसके अलावा इसमें एन्टी- मलेरिया गुण भी होता है जो मलेरिया से प्रभावित लोगो को ठीक करता है। इसमें पापेन, एल्केलायड और फेनोलिक कंपाउंड भी होता है।


पपीते के पत्ते के जूस पीने के फायदे........

डेंगू और मलेरिया का रामबाण दवा

पपीता की पत्तियों के रस  डेंगू और मलेरिया के रोगों से लड़ने में लाभकारी होता है। इस बुखार की वजह से घटती प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने और शरीर मे कमजोरी को बढ़ने से रोकता है।


डेंगू की यह बीमारी एडीज मच्छरों के कारण होती है। इस मच्छरो के काटने से डेंगू के जीवाणु हमारे रक्त में संचारित हो जाता है जिससे उच्च बुखार, त्वचा पर चकते और प्लेटलेट्स की कमी का कारण होता है। पपीता के पत्ते के रस से डेंगू के रोगों में लाभकारी होता है।


डायबिटीज के रोगों की दवा

डायबिटीज के रोगों में पपीता के पत्ते के रस बहुत ही लाभकारी होता है।पपीता के पत्तो में पॉलीफेनोल सैपोनिन आदि मौजूद होता है जिसके कारण इसका रस एक शक्तिशाली एंटीइंफ्लेमेटरी का काम करता है।
पपीता के पत्तो का अर्क से मधुमेह से पीड़ित चूहों पर शोध में शुगर और लिपिड लेवल को कम करने सहायक हुआ है।

कैंसर से बचाव करे


पपीता के पत्ते में कैंसर रोधी गुण होते है जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है और यह सर्वाइकल, ब्रैस्ट कैंसर जैसे कैंसर सेल्स को बनने से रोकता है।


माहवारी के दर्द में आराम

जिस भी माता बहनों को माहवारी के समय ज्यादा दर्द रहता हो वह दर्द दूर करने के लिये पपीता के पत्ते का काढ़ा बना कर पीने से माहवारी के दर्द में आराम मिलेगा इसके लिये एक पपीता का पत्ता थोड़ा ईमली स्वादानुसार नमक और एक गिलास पानी मिक्स कर के इसे उबालिये और काढ़ा तैयार हो जाये तो इसे पीजिये दर्द में आराम मिलेगा।

पाचन और कब्ज में सहायक


पपीता के पत्ते में अनेक प्रकार के विटामिन्स, प्रोटीन ,कार्बोहायड्रेट, कैल्शियम, आयरन, सोडियम और मैग्नीशियम आदि पाये जाते है। इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।फाइबर आँतो की दीवार को चिकना और मल को मुलायम कर कब्ज की समस्या को दूर करता है।

इसके अलावा पपीते की पत्तियों के रस में पाए जाने वाला पैपन नामक एंजाइम जटिल प्रोटीन को सरल कणो में तोड़ कर पाचन क्रिया को आसान बना देता है।

मुँहासे को दूर करे


कील मुहासों की समस्या युवाओं और युवती में आजकल ज्यादा ही समस्या रहता है इससे छुटकारा पाने के लिए आप पपीते के सूखे पत्ते का पेस्ट बना कर चेहरे पर लगा कर थोड़ी देर छोड़ दे और बाद में साफ पानी से धो ले ऐसा एक सप्ताह करने से आपकी कील - मुँहासे की समस्या में लाभ मिलेगा।

वजन कम करने में सहायक


मोटापा के कारण अनेक रोग हमारे शरीर मे हो जाता है और शरीर बेढंग और भद्दा दिखने लगता है।अगरआप मोटापा की समस्या से परेशान है तो आप पपीता के पत्तियों का रस उपयोग कीजिये लाभ मिलेगा।

एक बर्तन ले उसमे थोड़ा पानी डाले  और पपीता के ताजा पत्ती और संतरा के फाक डाले। इनको उबलने दे थोड़ी देर उबलने के बाद उतार कर ठंडा हो जाने पर पी ले। यह शरीर से अतिरिक्त वसा को हटा देता है।

डेंड्रफ की समस्या से छुटकारा


अगर आपको रूसी की समस्या रहती है तो आप पपीता के पत्तियों का रस अपने बालों की जड़ो में लगाये और कुछ देर लगा रहने दे और फिर साफ पानी से धो ले।इससे डेंड्रफ की परेशानी दूर हो जाएगी।
पपीता के पत्ते के रस में कारपेन नमक तत्व पाया जाता है जो बालों की जड़ से गंदगी व तेल को हटा देता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नही होता है।
इसके अलावा यह त्वचा को भी निखरता है इसमें मौजूद कारपेन नामक तत्व त्वचा के गंदगी और रोम छिद्र को खोल देता है जिससे सारी गंदगी बाहर निकल जाती है।

सावधानी :-


पपीता के पत्ते का रस गर्भवती महिला को नही पीना चाहिए इससे गर्भपात होने का खतरा रहता है।

अगर कोई व्यक्ति हर रोज दावा का प्रयोग करते हो तो ऐसे व्यक्ति भी पपीता के पत्ते का रस उपयोग न करे।

General tips