Sunday, September 1, 2019

व्यर्थ की चिंता नही करना चाहिए।(moral story in hindi)

          भगवान पर हमेशा विश्वास करना चाहिये


एक नगर में  बहुत ही पहुंचे हुए संत थे| आस-पास के कई गावों में संत के अनुयायी रहते थे| उन्हीं अनुयाइयों में संत का एक प्रिय शिष्य था सचितानंद| सचितानंद स्वाभाव से बहुत ही सीधा साधा भोला और साधारण व्यक्ति थे| सचितानंद हमेशा भगवान् की भक्ति में डूबा रहते थे| संत हमेशा सचितानंद को आश्रम आने और भक्तों को सही मार्ग दिखाने के लिए कहते लेकिन सचितानंद हमेशा घर परिवार का बहाना  बनाकर  टाल देते थे|

सचितानंद हमेशा कहाँ करते थे, मेरे बिना मेरी स्त्री और पुत्र नहीं रह सकते! मेरे अलावा उनका कोई सहारा नहीं है| मेरे बिना उनका भरण-पोषण कैसे होगा|

संत हमेशा सचितानंद को समझाया करते की यह सब तुम्हारा भ्रम है, जैसा तुम सोचते हो वैसा बिलकुल भी नहीं है, अगर भगवान् ने किसी को जन्म दिया है तो उसके जीवन यापन  के लिए भी उसने कुछ न कुछ वयवस्था ज़रूर किये है| तुम व्यर्थ की चिंता मत करो|

एक दिन जब सचितानंद संत के पास सत्संग के लिए गया तो संत ने फिर सचितानंद को वही फिर बात समझाई और कहा की अगर तुम्हें देखना है तो तुम परीक्षा करके देख सकते हो| सचितानंद मान गये|


संत ने सचितानंद को प्राणायाम के द्वारा साँस रोकने की विद्या सिखा दी| कुछ दिनों बाद जब सचितानंद परिवार के साथ नदी में नहाने गये तो वह साँस रोककर नदी के दूसरी और निकलकर जंगल में छुप गये और संत के आश्रम पहुँच गये|
इधर सचितानंद के परिवार वालों ने सचितानंद को बहुत ढूंढा लेकिन सचितानंद नदी में कहीं नहीं मिले| सचितानंद के परिवार वालों ने यह सोचकर की सचितानंद नदी में डूबकर कहीं दूर बह गये होंगे|


पुरे गाँव में शोक की लहर दौड़ पड़ी| सचितानंद को जानने-पहचानने वालों का सचितानंद के घर ताँता लग गया| संत के सभी अनुयायी भी सचितानंद के घर गए| अनुयाइयों ने देखा की सचितानंद तो बिचारा मर गये और पीछे उनकी स्त्री और बच्चा रह गए है| अब इनके भरण पोषण की ज़िम्मेदारी हम सभी के है , आपस मे विचार किये।

बस फिर क्या था सबने अपनी-अपनी तरफ से सहायता देना शुरू कर दी| किसी ने आटे की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने दाल की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने चावल की व्यवस्था करने की ज़िम्मेदारी ली| धीरे-धीरे सारी व्यवस्था हो गई|


संत के अनुयाइयों ने गाँव की ही एक धर्मशाला में कमरा लेकर सदानंद  की स्त्री और उसके पुत्र की जरुरत की सारी चीजे रखवा दी| साथ ही दूध और बाकि खर्चों के लिए उसके महीने का खर्चा बांध दिया| इस तरह संत की अनुयाइयों ने बिना संत के कुछ कहे ही सदानंद  के परिवार के लिए सारी व्यवस्था कर दी।

कुछ दिनों बाद सचितानंद  की स्त्री संत के दर्शन हेतु आश्रम आई| संत ने सचितानंद की स्त्री से पुछा, “तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं है ?

सचितानंद की स्त्री ने हाथ जोड़ते हुए विनम्रतापूर्वक जवाब दिया, महाराज! जो व्यक्ति चला गया उसकी पूर्ति तो नहीं की जा सकती, लेकिन हमारा जीवन निर्वहन पहले से भी अच्छा हो रहा है|

संत ने आश्चर्य से पूछा, पहले से भी अच्छा कैसे ?
सचितानंद की स्त्री ने आदर पूर्वक जवाब देते हुए कहा, महाराज! आपके अनुयाइयों ने ज़रूरत की सभी चीजे पहले ही धर्मशाला में रखवा दी है और मेरे जरुरी खर्चों के लिए भी रुपये बांध दी है| अब जब भी जिस भी वास्तु की जरुरत होती है सब मिल जाता है|

इधर सचितानंद आश्रम के अन्दर बैठा साथ और उसकी स्त्री की सारी बातें सुन रहा था| सचितानंद की स्त्री के जाने के बाद संत ने सचितानंद से कहा की तू अब अपने घर जाकर देखो की जो तुम्हारी स्त्री ने कहा क्या वह सत्य है या फिर नहीं|
सचितानंद रात के समय अपने घर गया और बाहर से ही दरवाजा खटखटाया| सचितानंद की स्त्री ने अन्दर से ही पूछा, कौन है ?

सचितानंद बोला, में हूँ…तुम्हारा पति, दरवाजा खोलो। सचितानंद की आवाज सुनकर सचितानंद की स्त्री ने सोचा की सचितानंद की तो मृत्यु हो चुकी है| यह जरुर सचितानंद का भुत होगा|

सचितानंद की स्त्री बोली, नहीं! में दरवाजा नहीं खोलती
सचितानंद बोला, मैं मरा नहीं हूँ… तुम दरवाजा खोलो।
सचितानंद की स्त्री बोली, बच्चे अगर तुम्हें देखेंगे तो डर के मारे उनके प्राण निकल जाएँगे| इसलिए कृपा करके आप चले जाओ|


सचितानंद बोला, लेकिन मेरे बिना तुम्हारा काम कैसे चलेगा ?
स्त्री बोली, संत के अनुयाइयों की कृपा से पहले से भी बढ़िया काम चल रहा है| आप चिंता मत करो! बस आप कृपा करके यहाँ से चले जाओ|


सचितानंद बोला, तुम्हें कोई दुःख तो नहीं ?
स्त्री बोली,  अभी तो बस यही दुःख है की आप आ गए| बस आप न ऐ तो फिर कोई दुःख नहीं| कृपा करके आप मत आइये|

शिक्षा :-

व्यर्थ की चिंता नही करि चाहिए इंसान चिंता कर कर के अनेक रोग बीमारी को बुलावा देता है। भगवान जिस भी जीव को जन्म दिए है उनका भरण- पोषण के लिए कोई न कोई वयवस्था जरूर किये रहते है। अतः हमें भगवान पर हमेशा विश्वास करना चाहिये।

Saturday, August 31, 2019

लहसुन और शहद के चमत्कारी फायदे

लहसुन और शहद के उपयोग से घोड़े जैसा फुर्ती पाये

लहसुन का उपयोग आमतौर पर हम सब्जी को स्वादिष्ट बनाने के
लिए करते है पर लहसुन के उपयोग से हम कई तरह के शारीरिक रोगों से छुटकारा पा सकते है।

शहद और लहसुन दोनों ही ऐसी चीजें हैं जिनका उपयोग करने से हमारे शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं। एक तरफ जहां शहद में एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं, तो वहीं लहसुन में एलिसिन और फाइबर शामिल होता है जोकि हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप शहद और लहसुन को मिलाकर इसका सेवन करते हैं, तो इससे आपको किस तरह के फायदे होंगे।


अदरक और लहसुन दोनों में एंटी फंगल, एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं। इसे साथ में खाने से बॉडी के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी पूरी होती है। 

1. वजन कम करने में सहायक :-

शहद और लहसुन को मिलाकर इसका सेवन करने से हमारे शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है। इसी के साथ मोटापे से  आपको छुटकारा मिलता है।

2.हिर्दय रोग में फायदा :-

लहसुन और शहद का सेवन करने से हमारे शरीर मे कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे दिल से संबंधि समस्याओं का खतरा कम रहता है।

3. दाँतो को मजबूत करे :-

अगर आपके दांत कमजोर हो रहें हैं तो ऐसे में आप लहसुन और शहद का उपयोग करे इससे आपके दाँत मजबूत बनाता हैं। इसमें फास्फोरस और एंटीसेप्टिक गुण होता है जो दाँत के दर्द और दांतों से जुड़ी समस्यायों को दूर करता है।

4. सर्दी जुकाम से राहत :-

लहसुन और शहद का सेवन करने से हमारे शरीर का तापमान बढ़ती है जिससे सर्दी और जुकाम जैसी समस्या कुछ ही समय में दूर हो जाती है। इससे गले की खराश भी दूर हो जाती है, क्योकि इसमे एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं।

5. इंफेक्शन में लाभ :-

अगर आपको किसी भी तरह का इंफेक्शन हो, तो ऐसे में आप लहसुन और शहद के मिश्रण का सेवन कर सकते हैं। इसका उपयोग करने से आपको फंगल इंफेक्शन में फायदा मिलता है, क्योकि इसमे एन्टी-फंगल गुण होता है।

6. पुरुषार्थ में फायदा :-


शुध्द शहद को बिना गर्म किये आप सेवन करेगे तो यह पुरुषार्थ और प्रजनन में लाभ पहुचाता है क्योंकि इसमें अनेक प्रकार के विटामिन्स जैसे जिंक और विटामिन E पाया जाता है, जो आपके सेक्सुअल जीवन को बेहतर बनाने के लिए बहुत उपयोगी है ।आप रात को सोते वक्त शहद और लहसुन का सेवन करते है तो यह आपके सेक्सुअल स्टैमिना और प्लेज़र को बढ़ा देता है।

सावधानिया :-

लहसुन गर्म प्राकृतिक का होता है और शहद भी इसका उपयोग आप अपने प्राकृतिक देख कर सेवन करे। अगर आपको इसका उपयोग से सिने में जलन हो तो आप खाना खाने के एक घंटा बाद सेवन करे बाद में धीरे धीरे बढ़ा दें।

Monday, August 19, 2019

पपीता के एक पत्ता से अनेक रोगों को कोसों दूर करे

आप सभी लोग पपीता के पका फल खाएं होंगे और बहुत जगहों पर कच्चे पपीते के सब्जी के रूप में उपयोग होता है। आज हम आपको पपीता के पत्ते के अवषधि के गुणों के बारे में जानकारी देंगे। इसके पत्ते में A, B,C,D,E और कैल्शियम की मात्रा होती है।

आपके शरीर मे जितने भी रोग है ,वह पपीते के पत्ते के रस के उपयोग से  दूर हो सकते है।आजकल लोग अपने शरीर के प्रति बहुत ही सजग रह रहे है। पपीता के पत्ते कई खतरनाक बीमारियों में असरदार होता है जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, कैंसर इत्यादि।
जिसप्रकार पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है उसी प्रकार पपीता के पत्तियों से निकाला गया रस हमे बहुत लाभ पहुचाता है। पपीता के पत्ते का रस अनेक बीमारियों में लाभ दिलाता है।


पपीता के पत्ते में कारपेन नामक एल्कलाइन होता है जिसमें किमोप्रोटेक्टिव इफेक्ट होता है जो कई घातक बीमारियों को ठीक करता है। इसके अलावा इसमें एन्टी- मलेरिया गुण भी होता है जो मलेरिया से प्रभावित लोगो को ठीक करता है। इसमें पापेन, एल्केलायड और फेनोलिक कंपाउंड भी होता है।


पपीते के पत्ते के जूस पीने के फायदे........

डेंगू और मलेरिया का रामबाण दवा

पपीता की पत्तियों के रस  डेंगू और मलेरिया के रोगों से लड़ने में लाभकारी होता है। इस बुखार की वजह से घटती प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने और शरीर मे कमजोरी को बढ़ने से रोकता है।


डेंगू की यह बीमारी एडीज मच्छरों के कारण होती है। इस मच्छरो के काटने से डेंगू के जीवाणु हमारे रक्त में संचारित हो जाता है जिससे उच्च बुखार, त्वचा पर चकते और प्लेटलेट्स की कमी का कारण होता है। पपीता के पत्ते के रस से डेंगू के रोगों में लाभकारी होता है।


डायबिटीज के रोगों की दवा

डायबिटीज के रोगों में पपीता के पत्ते के रस बहुत ही लाभकारी होता है।पपीता के पत्तो में पॉलीफेनोल सैपोनिन आदि मौजूद होता है जिसके कारण इसका रस एक शक्तिशाली एंटीइंफ्लेमेटरी का काम करता है।
पपीता के पत्तो का अर्क से मधुमेह से पीड़ित चूहों पर शोध में शुगर और लिपिड लेवल को कम करने सहायक हुआ है।

कैंसर से बचाव करे


पपीता के पत्ते में कैंसर रोधी गुण होते है जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है और यह सर्वाइकल, ब्रैस्ट कैंसर जैसे कैंसर सेल्स को बनने से रोकता है।


माहवारी के दर्द में आराम

जिस भी माता बहनों को माहवारी के समय ज्यादा दर्द रहता हो वह दर्द दूर करने के लिये पपीता के पत्ते का काढ़ा बना कर पीने से माहवारी के दर्द में आराम मिलेगा इसके लिये एक पपीता का पत्ता थोड़ा ईमली स्वादानुसार नमक और एक गिलास पानी मिक्स कर के इसे उबालिये और काढ़ा तैयार हो जाये तो इसे पीजिये दर्द में आराम मिलेगा।

पाचन और कब्ज में सहायक


पपीता के पत्ते में अनेक प्रकार के विटामिन्स, प्रोटीन ,कार्बोहायड्रेट, कैल्शियम, आयरन, सोडियम और मैग्नीशियम आदि पाये जाते है। इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।फाइबर आँतो की दीवार को चिकना और मल को मुलायम कर कब्ज की समस्या को दूर करता है।

इसके अलावा पपीते की पत्तियों के रस में पाए जाने वाला पैपन नामक एंजाइम जटिल प्रोटीन को सरल कणो में तोड़ कर पाचन क्रिया को आसान बना देता है।

मुँहासे को दूर करे


कील मुहासों की समस्या युवाओं और युवती में आजकल ज्यादा ही समस्या रहता है इससे छुटकारा पाने के लिए आप पपीते के सूखे पत्ते का पेस्ट बना कर चेहरे पर लगा कर थोड़ी देर छोड़ दे और बाद में साफ पानी से धो ले ऐसा एक सप्ताह करने से आपकी कील - मुँहासे की समस्या में लाभ मिलेगा।

वजन कम करने में सहायक


मोटापा के कारण अनेक रोग हमारे शरीर मे हो जाता है और शरीर बेढंग और भद्दा दिखने लगता है।अगरआप मोटापा की समस्या से परेशान है तो आप पपीता के पत्तियों का रस उपयोग कीजिये लाभ मिलेगा।

एक बर्तन ले उसमे थोड़ा पानी डाले  और पपीता के ताजा पत्ती और संतरा के फाक डाले। इनको उबलने दे थोड़ी देर उबलने के बाद उतार कर ठंडा हो जाने पर पी ले। यह शरीर से अतिरिक्त वसा को हटा देता है।

डेंड्रफ की समस्या से छुटकारा


अगर आपको रूसी की समस्या रहती है तो आप पपीता के पत्तियों का रस अपने बालों की जड़ो में लगाये और कुछ देर लगा रहने दे और फिर साफ पानी से धो ले।इससे डेंड्रफ की परेशानी दूर हो जाएगी।
पपीता के पत्ते के रस में कारपेन नमक तत्व पाया जाता है जो बालों की जड़ से गंदगी व तेल को हटा देता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नही होता है।
इसके अलावा यह त्वचा को भी निखरता है इसमें मौजूद कारपेन नामक तत्व त्वचा के गंदगी और रोम छिद्र को खोल देता है जिससे सारी गंदगी बाहर निकल जाती है।

सावधानी :-


पपीता के पत्ते का रस गर्भवती महिला को नही पीना चाहिए इससे गर्भपात होने का खतरा रहता है।

अगर कोई व्यक्ति हर रोज दावा का प्रयोग करते हो तो ऐसे व्यक्ति भी पपीता के पत्ते का रस उपयोग न करे।

Saturday, August 10, 2019

शेयर मार्केट की जानकारी

    What is share market (शेयर मार्केट क्या है)
पैसा कमाने के लिए बहुत से लोगों की इच्छा रहती है, और तरह तरह के बिज़नेस आईडिया की जानकारी प्राप्त कर लोग पैसा कमाते है। हर किसी इन्सान की इच्छा होती है कि वह अमीर बने और अपने जीवन मे बहुत सारे धन कमाये आज हम इन्हीं सब बातों के बारे में जानकारी देंगे।

शेयर मार्केट क्या है :- शेयर का अर्थ होता है प्रतिभूति या अंश। जब कोई उधोगपति कोई बड़ा कम्पनी खोलता है, तो बहुत सारे धन की आवश्यकता होती है । वह पचास प्रतिशत शेयर अपने पास रखकर बाकी शेयर वह आमलोगों के लिये इशू कर देते है जिससे कंपनी को आसानी से धन इकठ्ठा हो जाता है।

                                    अपने भारत मे दो एक्सचेंज है , जिससे आप शेयर की खरीद और बिक्री कर सकते है। उनका नाम NSE और BSE है। आप लोग उसमे सीधे निवेश नही कर सकते है। उसके लिए दलालों की आवयश्कता होती है। भारत मे बहुत से दलाल है जो शेयर की खरीद बिक्री का काम करवाते है।

शेयर बाजार के बारे में बहुत से लोगों के मन मे भरम होता है, यह सट्टा बाजार है इसमें लोगों का पैसा डूब जाता है लोग बर्बाद हो जाते हैं।यह उनकी मनगढंत है। आप अपनी सूझ बूझ से शेयर बाजार में बहुत सारे पैसा कमा सकते है।

शेयर बाजार में कैसे निवेश करें :-

शेयर बाजार में निवेश करने के लिए सबसे पहले आपके बैंक में बचत खाता होना जरूरी है और साथ मे पैन कार्ड भी जरूरी है। यह दोनों कागज के बगैर आप इसमें खाता नही खोल सकते है। उसके बाद आप को डिमैट खाता और ट्रेडिंग खाता दलाल के पास खुलवाना पड़ेगा , तब जाकर आप किसी भी कंपनी के शेयर की खरीद बिक्री कर सकते है।

आजकल अपने देश  मे बहुत से सारे ब्रोकरेज है जो डिमैट और ट्रेडिंग एकाउंट खोल के देते है । कुछ फुल ब्रोकरेज है और कुछ डिस्काउंट ब्रोकरेज है। आप इनमें किसी मे भी एकाउंट खुलवा सकते है। इसमें कोई डर की बात नही है क्योकि जिसतरह सभी बैंकों को RBI रेगुलेट करती है उसी प्रकार शेयर बाजार को SEBI (Securities and Exchange Board of India) रेगुलेट करती है। आपके साथ कोई धोखा होने वाला नही हैं।
पहले से अभी शेयर खरीदना एकदम आसान हो गया है, आपके पास लैपटॉप और इंटरनेट की आवश्यकता होती है।आजकल ब्रोकरेज हाउस aap भी उपलब्ध करा देते है ,जिससे आप इंटरनेट के जरिये निवेश शेयर में कर सकते है।

आप शेयर बाजार में निवेश कैसे करे :- जब आपका डिमैट और ट्रेडिंग एकाउंट खुल जाता है तो आप अपने ब्रोकरेज के द्वारा आप किसी भी कम्पनी के शेयर को आर्डर प्लेस कर सकते है। वह ब्रोकरेज हाउस आपके आर्डर को एक्सचेंज में आर्डर प्लेस कर देगा और आप इसतरह शेयर खरीद सकते है और जब आपका शेयर प्रॉफिट में होगा तो फिर इसीतरह आप सेल का आर्डर लगा देंगे और बाजार में आपकी आर्डर पर खरीदार रहेंगे तो आपका शेयर बिक्री हो जाएगा।

शेयर बाजार में जैसे पैसा बहुत जल्दी कमाया जाता है , उतना ही पैसा आप जल्दी गवा भी सकते है। इसलिए शेयर बाजार में निवेश के पहले आपको बाजार की जानकारी करनी पड़ती है ,तभी आप निवेश शुरू करे।

१ :- पहले सीखे : कोई भी काम होता है हम करने के पहले उसके बारे में जानकारी करते है तभी उस काम को करते है।

                  इसीप्रकार शेयर बाजार में निवेश करने के पहले शेयर बाजार के बारे में जाने समझे और फिर निवेश करें।

२ :- अपने रिस्क को समझें : शेयर बाजार थोड़ा रिस्की होता है। आप उतना ही इसमें पैसा निवेश करे की अगर आपको लॉस हो तो आप उतना वहन कर सके । इसमे वही पैसा निवेश करें जो आप निवेश कर के भूल जाये।

३ :- अपना खुद का रिसर्च करे : बहुत से लोग tv पर मार्केट एक्सपर्ट की बात शुन शेयर खरीदने लगते है,हो सकता हो कुछ उनकी रिसर्च सही हो, अगर इतना ही सही होता उनका रिसर्च तो वह खुद शेयर खरीद कर अमीर ना बन जाते।

आप समझ गए होंगे मैं क्या आपको बताया हो सके तो कोई भी कंपनी हो पहले आप कंपनी का कारोबार क्या है, कौनसा प्रोडक्ट तैयार करती है, उसका फाइनेंसियल कंडीशन क्या है , कही कर्जे में तो कंपनी नही आदि सब जानकारी इकठ्ठा कर कर ही शेयर खरीदे।

४ :- शेयर मार्केट के प्रारंभिक जाकारी को समझिये : जैसे किसी भी कोर्स का सब्जेक्ट होता है उसी तरह शेयर मार्केट के कुछ प्रारंभिक जरकारी होती है पहले उनको समझे फोर शेयर में निवेश कर।

इस तरह आप एक सफल इन्वेस्टर बन सकते है।

५ :- अपने भावना को नियंत्रित रखे : शेयर मार्केट में बहुत बार होता है कि कही से कुछ जानकारी मिली और तुरंत लोग निवेश कर देते है उसमें उनको भारी नुकसान होता है  शेयर बाजार में अपने भावना को नियंत्रित रखना पड़ता है।

           तभी जाकर आप एक सफल निवेशक बन सकते है।

६ :- अपने इन्वेस्ट को डाइवर्सिफाइड करे : शेयर मार्केट में अपना सभी पैसा एक कंपनी के शेयर में नही लगाना चाहिए ।आप अपने पूंजी को अलग अलग सेक्टर के शेयर में अपना पैसा इन्वेस्ट करे, इससे यह होगा की अगर कोई शेयर में आपको लॉस हो रहा होगा फिर भी आपके पूँजी पर असर नही पड़ेगा।

७ :- निवेश का लम्बा नजरिया रखे : आप अच्छी तरह समझ ले कि आपका निवेश का नजरिया जो है वह लंबे अवधि का होना चाहिये क्योंकि लंबे अवधि में ही आपको अच्छा लाभ होगा।

शेयर बाजार में बहुत से ऐसे शेयर है जो लंबे अवधि के लिए लिए निवेश हुआ है और वह अच्छा लाभ दिया है।

             ये थी कुछ शेयर बाजार की जानकारी जो आपके शेयर बाजार के सफर में आपको मदद करेगी। मैं पुआ कोसिस किया हु शेयर मार्केट की जानकारी आप को मेरे द्वारा दी गई पसन्द आएगी।
अगर हमसे कोई त्रुटि हो गई हो या कोई विषय छुट गया हो तो आप कमेन्ट बॉक्स में कमेन्ट कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
मेरे द्वारा शेयर मार्केट की जानकारी यह सिर्फ basic है जिससे आपको जो doubt है आज cleaer हो जायेगा ।

Saturday, August 3, 2019

Treatment by acupressure of insomnia

                     एक्यूप्रेशर द्वारा अनिद्रा का इलाज 

आइये जानते है एक्यूप्रेशर के द्वारा हम अनिद्रा की समस्या से कैसे छुटकारा पा सकते है।


           आज के भाग- दौड़ की जिंदगी में बहुत से आदमियो की समस्या रात को नींद ना आना आजकल आम बात हो गई है। दिन भर की थकान और समय पर भोजन ना करना, ऑफिस में घंटो कंप्यूटर पर काम करना, घंटो मोबाइल फ़ोन पर गेम खेलना आदि ये सब अनिद्रा के प्रमुख कारण है।ज्यादा फ़ास्ट फूड और दोकान की तली हुई चीजों को खाना भी प्रमुख कारण है। रात को नींद न आने से आदमी दिन भर थकान महसूस करता है , शिरदर्द ,डिप्रेशन में और  किसी के जरा सी बातों पर चिड़चिड़ा  उठता है।
                 अनिद्रा के निवारण हेतु अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करने की सख्त जरुरत है, जिससे अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पाया जा सके।
  • रात में हल्का भोजन करे जो पचने में आसान हो।
  • कोशिस करे कि घर का बना ही खाना खाये बाजार की नही।
  • काफी देर रात को ना जागे और हो सके तो मोबाइल फ़ोन का उपयोग कम करें।
  • रात को शोने से पहले साफ पानी से आँखों को धोये।
  • ऑफिस में काम करते वक्त लगातार कंप्यूटर पर ना देखे थोड़ी अंतर में टहल ले।
  •  सुबह सूर्योदय से पहले उठ कर टहलें और योगासन करे।
अब जानतेे है कि एक्यूप्रेशर के द्वारा कैसे मिनटो में गहरा नींद में चले जायें।
                      ऊपर फोटो में जो पैर पर काले रंग की बिंदु है उस अस्थान पर अगूंठे से धीरे धीरे दबाये करीब तीन से पांच मिनटों में आपको अच्छी नींद आ जायेगी इसीप्रकार कुछ और भी फोट में एक्यूप्रेशर पॉइंट दी गई है आप वहाँ धीरे धीरे अँगूठे की सहायता से दबाये फोटो निम्नप्रकार की है :-





                        उपरोक्त फ़ोटो में जो काले रंग और लाल रंग की बिंदु मानव शरीर के अँगों में है ,आप वहाँ अपने अँगूठे की सहायता से धीरे धीरे दबाये आपको रात को बहुत जल्दी अच्छी नींद आ जायेगी। ध्यान रखे बहुत अत्यधिक जोर से ना दबाये नही तो दबाये हुये अस्थान पर दर्द भी हो सकता है आप सहने भर ही उपरोक्त अस्थान पर दबाये।

Thursday, August 1, 2019

Wheat Grass Benefits (गेंहू जवारे के फायदे)

रोज पिये गेहू के जवारे का रस, शरीर मे होंगे गजब के फायदे

(Drink wheat grass juice daily, the body will have amazing benefits)



गेंहू के जवारे में विटामिन्स और मिनिरल्स का बहुत बढ़िया स्रोत है। इसमे A, B, C, E और K के अलावा एमिनो एसिड्स, कैलोरोफिल और मैग्नीशियम भी पाया जाता है। स्वास्थ्यवर्धक और चिकित्सकीय गुणों से भरपूर गेंहू के जवारे को अंग्रेजी में wheat grass कहते है। यह बहुत से रोगों में लाभ पहुचाता है, जैसे डायबिटीज, कैंसर, त्वचा रोग,मोटापा, अर्थराइटिस,  कब्ज आदि रोगों में लाभ पहुचाता है।
१:- पेट और कब्ज की तकलीफ अगर किसी को रहती है तो वह गेहू के जवारे का रस उपयोग करने से फायदा मिलता है, इसमे अल्कलाइन होता है जिससे पेप्सिक अल्सर, डायरिया और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों से जुड़ी बीमारियों में लाभ मिलता है।
         इसीतरह इसमें मैग्नीशियम भी पाया जाता है जो कब्ज और आँतो की तकलीफ में राहत देता है।

Wheat jowar is an excellent source of vitamins and minerals.  Apart from A, B, C, E and K, it is also found in amino acids, calorophyll and magnesium.  Wheat jowar is known in English as wheat grass, which is full of health and healing properties.  It provides benefits in many diseases, such as diabetes, cancer, skin diseases, obesity, arthritis, constipation, etc. diseases.

 1: - If someone is suffering from stomach and constipation, then he gets benefit from using wheat grass juice, it contains alkaline which provides benefits in diseases related to pepsic ulcer, diarrhea and gastrointestinal diseases.

 Similarly, magnesium is also found in it, which relieves constipation and intestinal discomfort.

२ :- अर्थराइटिस की समस्या अगर किसी की हो तो वह गेहू के जवारे के रस में कॉटन भिगो कर अर्थराइटिस वाले जगह पर लगाने से लाभ मिलता है क्योकि इसमे जलन और सूजन कम करने वाले मिनिरल्स पाये जाते है।

2: - If someone has problem of arthritis, then by soaking cotton in wheat grass juice and applying it on the place of arthritis, it is beneficial because it contains minerals that reduce inflammation and inflammation.

३:- एनीमिया गेहू के जवारे में 70% तक क्लोरोफिल पाया जाता है जो शरीर मे खून बढ़ाने में मदद करता है। इसका रस नियमित सेवन करने से एनीमिया की शिकायत दूर हो जाती है।

3: - Anemia, up to 70% chlorophyll is found in wheat millet, which helps in increasing blood in the body.  Anemia is cured by taking its juice regularly.

४:- कैंसर के उपचार में गेहूं के जवारे का रस पीना बहुत ही लाभकारी है क्योंकि इसमे मौजूद क्लोरोफिल रेडिएशन के हानिकारक प्रभावों को कम करने में मदद करता है।

4 : - In the treatment of cancer, drinking wheat millet juice is very beneficial because the chlorophyll present in it helps in reducing the harmful effects of radiation.

५:- गेंहू के जवारे का रस डायबिटीज़ के रोगों में भी फायदा पहुचाता है, यह कार्बोहायड्रेट के अवशोषण में देरी उत्पन्न कर ब्लड शुगर के स्तर को विनियमित करने में मदद करता है। इसप्रकार यह डायबिटीज़ को नियन्त्रित करता है।

5: - Wheatgrass juice is also beneficial in diabetes diseases, it helps in regulating blood sugar levels by delaying the absorption of carbohydrates.  Thus, it controls diabetes.

            उपरोक्त रोगों में फायदा के अलावा यह आँखों की रोशनी बढ़ाने में, बालो को काला करने में,दाँतो की सड़न में और त्वचा को जवान रखने में फायदा पहुचाता है।

Apart from the benefits in the above diseases, it is beneficial in increasing eyesight, darkening hair, decaying teeth and keeping skin young.

सावधानिया:- गेंहू केे जवारे का रस अधिक सेवन से शिर दर्द और उल्टी की शिकायत  हो सकती है , पहले आप थोड़े मात्रा में इसका सेवन करे बाद में मात्रा बढ़ा दे। इसका अधिक सेवन से डायरिया और एलर्जी हो सकती है । आप गेेंहू के जवारे का रस चाय की तरह पिये एक बार मे घुट कर न पिये और आप १५ दिन से ज्यादा न पीयेें। बाद में फिर ७ या १५ दिन बाद फिर सेवन करे।


 Precautions: - Excessive consumption of wheatgrass juice may cause headaches and vomiting, first consume it in small quantities and then increase it later.  Excess intake of it can cause diarrhea and allergies.  You should drink the juice of wheat jowar like tea at a time and you should not drink more than 15 days.  Later, again, drink it again after 4 or 15 days.

Wednesday, July 31, 2019

कच्चे पपीता के घरेलू नुख्से

    कच्चे पपीते के फायदे के बारे में आप अनजान होंगे।

पपीता खाना सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता।मगर क्या आप जानते है कच्चे पपीता के फायदा के बारे में , इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन पाया जाता है जो बहुत से रोगों में फायदा होता है।रोजाना कच्चा पपीता खाने से पेट से लेकर कैंसर तक के बीमारिया दूर किया जा सकता है।बहुत जगहों पर कच्चे पपीते को लोग सब्जी भी बनाकर सेवन करते है।इसमें बिटामिन A, C , मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है।



कच्चे पपीते के सेवन विभिन्न स्वास्थयसमस्यओं से छुटकारा पाया जा सकता है।यह सूजन को कम करने कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ह्रदय के रोगों में भी फायदा पहुचाता है।इसके फायदे निम्न प्रकार के है:-

१: कच्चा पपीता कब्ज में राहत पहुचाता है ,इसमे पैपिन की भरपूर मात्रा पाया जाता है , जो कब्ज को ठीक करने में सहायक होता है। अगर आपको कब्ज की समस्या है तो आप अपने भोजन में कच्चे पपीता का सेवन जरूर करे।

२: कच्चा पपीता गठिया और जोड़ो की समस्या में भी फायदा पहुचाता है आप इसे हरा चाय के साथ उबाल कर सेवन करे आप के गठिया रोग में आराम मिलेगा।

३: कच्चे पपीते के सेवन से पीलिया हो या लिवर की समस्या से निजात दिलाता है। यह लिवर को मज़बूती प्रदान करता है।कच्चे पपीते के सेवन से पीलिया रोग में आराम मिलता है।

४: कच्चे पपीते के सेवन सेवन से कोलोन और प्रोटेस्ट कैंसर का खतरा भी कम होता है। इसमें पाए जाने वाले एन्टी- ऑक्सीडेंट, फिटोन्यूट्रियाट्स और फ्लेयोनायड्स शरीर मे कैंसर की कोशिकाओं को बनने से रोकता है।

                         कच्चे पपीते के सेवन से और भी बहुत फायदे होते है जैसे सरीर में विटामिन की कमी ,इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करना, ब्रैस्ट फीडिंग में फायदा और यूरिन इन्फेक्शन में भी फायदा पहुचाता है।

उमीद करता हु की आपको यह जाकारी पसंद आई होगी और आप इसका लाभ उठाएंगे। ऐसे ही जानकारी के लिए आप हमारे ब्लॉग साइट पर विजिट करे। www.generaltips.net

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