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Friday, June 5, 2020

लेमन ग्रास चाय के साथ साथ स्वास्थ्य लाभ आइये जानते है ।Let us know the health benefits along with lemon grass tea.


हमारे सेहतमंद के ज्यादातर उपाय हमारे रशोई घर में ही उपलब्ध होते हैं, जिनकी सही जानकारी हो, तो हम कई बीमारियों से बच सकते हैं। एक ऐसी ही औषधि है लेमन ग्रास, जो आमतौर पर हमारे गार्डन या किचन में जरूर होती है। लेमन ग्रास को आम बोलचाल की भाषा में गवती चाय के नाम से भी जाना जाता है। लेमन ग्रास में विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट एसिड, मैग्नीशियम, जिंक, कॉपर, आयरन और फास्फोरस जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर एक औषधि है। आइए जानते हैं इसके सेहत के लाभकारिगुणो को : -


Most of our health remedies are available in our Rashoi house, if we have the right information, then we can avoid many diseases.  One such medicine is lemon grass, which is usually in our garden or kitchen.  Lemon grass is also colloquially known as gavati tea.  Lemon grass is a medicine rich in important nutrients such as vitamin A, vitamin C, folate acid, magnesium, zinc, copper, iron, and phosphorus.  Let us know the benefits of its health: -


१ नीम्बू के समान महक :-

लेमन ग्रास विशेषकर दक्षिण-पूर्व एशिया में ही पाया जाता है।इसकी महक नींबू के समान आती है। इसका ज्यादातर उपयोग चाय में अदरक की तरह ही किया जाता है। लेमन ग्रास के एंटी बैक्टीरियल, एंटी इन्फ्लेमेटरी व एंटी फंगल गुण होते हैं, जो कई रोगों व संक्रमण से बचाने में सहायक करता है। गवती चाय की पत्तियों में काफी मात्रा में सिट्रल पाया जाता है, जिससे इसकी पत्तियों की महक नींबू के जैसा होता है।

1 Smell like  lemon: -


 Lemon grass is found especially in South-East Asia. Its aroma is similar to lemon.  It is mostly used in tea just like ginger.  Lemon grass has anti bacterial, anti inflammatory and anti fungal properties, which helps in protecting against many diseases and infections.  A lot of citral is found in the leaves of Gavati tea, which makes its leaves smell like lemon.


२ बेड कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है :-

लेमन ग्रास का सेवन करना दिल के लिए काफी लाभदायक होता है, क्योंकि इससे सेवन से शरीर में मौजूद बेड कोलेस्ट्रोल कम होता है। बेड कोलेस्ट्रोल, जिसे एलडीएल भी कहते है, यदि शरीर में इसका स्तर बढ़ता है तो हार्ट अटैक का संभावना बढ़ जाता है। गवती चाय की पत्तियों में यह गुण होता है कि यह खून में मौजूद वसा को कम करने में सहायक होती है।

2 Controls  bad cholesterol: -


 Taking lemon grass is very beneficial for the heart because it reduces bad cholesterol in the body.  Bad cholesterol, also known as LDL, increases its chances of heart attack if its levels in the body increase.  Gavati tea leaves have the property that it helps in reducing the fat present in the blood.

३ पाचन में लाभदायक :-

गवती चाय पाचन शक्ति बढ़ाने में भी लाभदायक होती है। इसके सेवन से पेट के अल्सर और इससे जुड़ी अन्य बीमारिया भी नहीं होती है। कब्ज, अपच, गैस या एसिडिटी जैसी रोग भी लेमन ग्रास के सेवन से समाप्त हो जाती हैं।

3 Beneficial in digestion: -


 Gavati tea is also beneficial in increasing digestive power.  Its use also does not cause stomach ulcers and other related diseases.  Diseases like constipation, indigestion, gas or acidity are also eliminated by the intake of lemon grass.

४ किडनी के रोगों में सहायक :-

लेमन ग्रास को मसाले के रूप में या चाय के रूप में उपयोग करने से किडनी को भी लाभ होता है, क्योंकि इसमें मूत्रवर्धक गुण पाया जाता है। एक सामान्य व्यक्ति को दिनभर में 10 से 12 बार टॉयलेट जरूर जाना चाहिए। लेमन ग्रास किडनी को स्वच्छ रखने में सहायता करती है। इससे किडनी में स्टोन (पथरी) जैसी रोग नहीं होती है।

4 Helpful in kidney diseases: -


 The kidneys also benefit from using lemon grass as a spice or as a tea, as it has diuretic properties.  A normal person must go to the toilet 10 to 12 times a day.  Lemon grass helps to keep the kidney clean.  This does not cause kidney (stone) disease like kidney.

५ कैंसर से लड़ने में सहायक :-

लैमन ग्रास में कैंसररोधी गुण होते हैं। यह कैंसर सेल्स की कॉलोनी को समाप्त करने में अहम रोल निभाती है। रोज चाय में यदि लेमन ग्रास डालकर ली जाए तो कैंसर का संभावना बेहद कम हो जाता है।


5 Helpful in fighting cancer: -


 Lemon grass has anticancer properties.  It plays an important role in ending the colony of cancer cells.  If you add lemon grass to tea everyday, the chances of cancer are greatly reduced.

६ आपके वजन को नियंत्रण रखें :-

आजकल लोग वजन घटाने के लिए कई तरह के उपयोग करते हैं, यदि वे लेमन ग्रास की चाय का प्रतिदिन सेवन करना शुरू कर दें तो बहुत जल्द ही इसका सकारात्मक लाभ देखने को मिल जाता है। क्योकि लेमन ग्रास शरीर से अनावश्यक चर्बी को घटा देती है और शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। यह शरीर को बहुत तेजी से डिटॉक्सिफाई करता है। इसके अलावा लेमन ग्रास गठिया, नींद नहीं आने की दिक्कत, अवसाद आदि तकलीफ को भी दूर करती है। साथ ही इसके उपयोग से शरीर का नर्वस सिस्टम भी ठीक रहता है।

6 Control your weight: -

 Nowadays people use many types for weight loss, if they start consuming lemon grass tea every day, then soon its positive benefits will be seen.  Because lemon grass reduces unnecessary fat from the body and strengthens the body's immune system.  It detoxifies the body very fast.  Apart from this, lemon grass also relieves arthritis, difficulty in falling asleep, depression etc.  Along with this, the nervous system of the body is also fine.

Friday, May 22, 2020

मुह के बदबू से बचने के उपाय जाने

            मुँह से बदबू आये तो कैसे ठीक करे

मनुष्य एक समाजिक प्राणी होता है, इसनाते वह समूह और सामाजिक कार्य मे एक साथ कार्य करता है चाहे वह कार्य सामाजिक या व्यहारिक हो परंतु अगर किसी के मुँह से दुर्गन्ध आये तो लोग उस आदमी के साथ कोई बात नही करना चाहते है और कोई बोले कि आपके मुँह से दुर्गंध आती है तो बहुत ही समाज मे शर्म महसूश होती है। इससे कैसे छुटकारा पाया जाय हम आपको बतायेगे।



घर में कई ऐसी चीज़ें हैं, जिन्हे खाने के बड़े लाभ होते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, लौंग के बारे में वैसे तो लौंग आकार में छोटा है, लेकिन इसके कई लाभकारी चमत्कारी फायदे हैं।


जी हाँ, आप सभी को बता दें कि लौंग एक बहुत छोटा सा फूल के आकार का होता है, जो लौंग के पेड़ से ही आता है। आप तो जानते होंगे लौंग की हमारे भारतीय मसालों में मुख्य जगह है, इससे खाने से नया स्वाद, खुशबू मिलती है, तो आइए आज आपको बताते हैं इससे सेहत को होने वाले फायदे के बारे में :-


1 श्वास संबंधी रोगों में लाभदायक :- जी दरअसल लौंग के तेल का अरक इतना सशक्त होता है, कि इसे सूंघने से जुकाम, कफ, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनसाइटिस आदि समस्याओं में तुरंत लाभ मिल जाता है।इसी के साथ यह शरीर के लिए लाभदायक होता है।


2 दांतों के दर्द में आराम :- अगर किसी व्यक्ति के दांतों में दर्द हो तो वह लौंग के तेल के इस्तेमाल से निजात पा लेता है। इसी के साथ 99% टूथपेस्ट में होने वाले पदार्थो की लिस्ट में लौंग भी शामिल होता है।


3 खांसी और बदबूदार सांसों के निजात के लिए :- इसके लिए भी लौंग बहुत कारगर है। सर्दियों में गले मे खरास भी रहती है सब लौंग के उपयोग से ठीक हो जाता है, अगर आप लौंग का नियमित उपयोग करते हैं, तो इन समस्याओं से निजात मिल जाता है।


4 पाचन में लाभदायक :- आप भोजन में लौंग का उपयोग करते हैं, तो पाचन संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है। इसमें मौजूद तत्व अपच, उल्टी गैस्ट्रिक, डायरिया आदि समस्याओं से लाभ दिलाने में मददगार हैं।


5 कैंसर से बचाव :- लौंग के उपयोग से फेफड़े के कैंसर और त्वचा के कैंसर को रोकने में कफी सहायक होती है। इसमें मौजूद युजेनॉल नामक तत्व कैंसर होने से बचाता है। 


Monday, April 13, 2020

फल और सब्जी के छिलके के भी गजब के स्वास्थ्य लाभ, आइये जानते है


फल और सब्जी के छिलके के भी है , गजब के फायदे

फल व सब्जी जो की सेहत के लिए फायदेमंद होता है,उसे हम सीधेतौर पर या जूस के रूप में भी उपयोग करते है और इसके साथ ही उसके छिलके जो की अब तक आप आपने कचरे के डब्बे में उसे फेकते है, वो भी फायदेमंद होता है। हम आपको कुछ जानकारी बता रहे है, जिसे जानने के बाद आप उन छिलके को नहीं फेकेंगे। आईये जानते है फल और सब्जियों के क्या क्या फायदे होते हैं।



१ आम के छिलके के फायदे:-

आम के छिलके चर्बी को कम करने में लाभदायक होते हैं, परन्तु आम का गूदा नहीं हैं।इसे कच्चा भी खा सकते हैं या पका कर भी। जिन लोगो को कैंसर, डायबटीज और दिल की बीमारियां होती है, उनके लिए यह जड़ी बुटी के अनुसार फायदेमंद रहते है।




२ केले के छिलके के लाभ :-

केले के छिलके को या तो सीधे ही या फिर पेस्ट बनाकर लगाने से मुँहासे दूर हो जाते हैं और चेहरा चमकने लगती है। किसी कीड़े के काट लेने पर केले के छिलके को लगाने से लाभ मिलता है। आंखों में थकान महसूस होने पर कुछ देर केले के छिलके लगाने से आराम मिलता है। मस्सों पर भी नियमित रूप से केले का छिलका लगाने से वे जल्दी ही समाप्त हो जाते हैं।

३ निम्बू के छिलके के लाभ :-

नींबू का रस सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है और साथ ही इसका छिलका भी। नींबू का छिलका नियमित रूप से दांतों पर रगड़ने से दांत चमकदार बनते हैं। हाथों और पैरों की अंगुलियों के कालेपन को दूर करने के लिए आप नींबू का प्रयोग कर सकते हैं। स्किन पर दाग धब्बों को दूर करने के लिए नींबू के छिलके का उपयोग कर सकते हैं।

४ खीरे के छिलके के लाभ :-



खीरे के छिलके में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट, पोटाशियम और फाइबर पाया जाता है। इसलिए आप खीरे के छिलके का भी उपयोग कर सकते हैं।


५ आलू के छिलके के फायदे :-

आलू में काफी मात्रा में स्टार्च पाया जाता है, जिससे ये झुर्रियां हटाने में आपकी सहायता करता है, तो जितना हो सके आलू के छिलके को अपनी स्किन परे रगड़ें और झुर्रियों से छुटकारा पाये। आलू के छिलके में भी फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, इसलिए जितना हो सके आलू को इसके छिलके के साथ सब्जी खाने की ही आदत डालें।



नोट :- सब्जी और फल के छिलके की जानकारी हम अपने ब्लॉग से जानकारी के उधेश्य से दी है। उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।


Monday, March 16, 2020

ये एक समान से कोरोना वायरस आपको छू भी नही सकता है

आइये जानते है कैसे आपको कोरोना वायरस से बचा जाये। 


अभी पूरा विश्व मे कोरोना वायरस के प्रकोप से लोग सभी घबड़ाये हुये है परंतु आज के अधुनिकयुग में हम अपने पूर्वजों द्वारा उपयोग और बचाव की तौर तरीकों को हम भुलसे गए है ।हमारे पूर्वज बहुत पहिले जब सैनिटाइजर और साबुन नही थे तब वायरस को समाप्त करने के लिए निम्बू का उपयोग किया करते थे।

कोरोना वायरस जब इंसान में प्रवेश करता है तो वह गले मे 3 से 4 दिन राहत है और आपको गले मे खराश सुखी खाशी होती है । इसका बचाव आप लहसुन और अदरक का उपयोग करके आप वायरस को समाप्त कर सकते है और गर्म पानी मे नमक मिलाकर गरारा करे कोरोना वायरस समाप्त हो जाएगा।



कोरोना वायरस (Corona Virus) से अब आपको बिलकुल घबराने के जरुरत नहीं है। हाथ धोने के लिए अगर आपके पास साबुन या सैनिटाइजर नहीं भी हो तो भी ये जानलेवा वायरस छू नहीं सकता है। बस आपको बेहद आसान सा काम करना है। घर में आपको नींबू रखना है। जी हां, सुनकर आपको अजीब लगेगा, लेकिन एक नींबू आपको इस जानलेवा वायरस से बचा सकता है।

डाक्टर भी मानते हैं नींबू को सबसे सुरक्षित


हाथ धोने के लिए अगर आप नींबू का इस्तेमाल करते हैं तो वायरस आपके करीब भी नहीं फटक सकता है।

भारत में हाथ धोने के लिए नींबू का इस्तेमाल पुरातन काल से ही होता रहा है। बड़े बुजुर्ग भोजन से पहले या शौच के बाद भी घर में नींबू से हाथों को साफ करते थे। हाथों को धोने के लिए इन पारंपरिक चीजों का इस्तेमाल भर से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है।

भारतीय गांव के लिए वरदान है नींबू


देश में कोरोना वायरस फैलने के बाद ही अचानक बाजार में सैनिटाइजर की कमी हो गई है, लेकिन अभी भी आम लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं, कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथ धोना अहम है। यही वजह है कि ज्यादातर डॉक्टर बार बार हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में दूर-दराज और गांवों में, जहां सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में आप नींबू का रस हाथों में मल कर धो सकते हैं। हाथों को साफ रखने का ये एक सटीक और पारम्परिक तरीका है।


एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है नींबू में


एक शोध के मुताबिक बैक्टीरिया को मारने में नींबू काफी प्रभावशाली है दि जरनल ऑफ फंक्शनल फूड्स में बताया गया है कि इकोलाई जैसे महामारी से लड़ने के लिए नींबू का रस काफी प्रभावी रहा। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसी भी संक्रमण के दौरान आपको सैनिटाइजर या साबुन नहीं भी मिलता है तो नींबू के रस से हाथ धोकर बीमारियों से बचा जा सकता है

ऐसे करें नींबू से हाथ साफ


जानकारों का कहना है कि हाथों को साफ करने के लिए सबसे पहले नींबू का रस को हथेली पर निचोड़ें। रस को दोनों हाथोमें अच्छे से मलें। इसके बाद साफ पानी में दोनो हाथों को अच्छे से धो लें। किसी साफ कपड़े से हाथों को सुखा लें।


नोट :- मैं अपने ब्लॉग से वायरस के बचाव के बारे में बताया है जो हमारे पूर्वज प्राचीनतम विधि से उपयोग करते थे । आप इसके उपयोग के साथ डॉक्टर की सलाह अवस्य ले।

Saturday, March 14, 2020

ये शिलाजीत से भी गजब के फायदेमंद है जो बूढ़े में भी जवानी जैसी तागत लाये

अश्वगंधा प्रकृति का दिया हुआ एक ऐसा उपहार है, जो शारीरिक शक्ति को बढ़ाता है, यदि अश्वगंधा का सेवन किया जाए तो इससे बूढ़ा इंसान भी 16 से 20 साल के जवान व्यक्ति की तरह हो जाता है यानी उसके अंदर16 से 20 साल के जवान की तरह ताकत आ जाती है।

आइए जानते हैं अश्वगंधा के सेवन से मिलने वाले लाभदायक के बारे में


शारीरिक शक्ति बढ़ाने में फायदेमंद है :-


अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं , तो इसका सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है, कि यह पुरुषों की शारीरिक क्षमता को वृध्दि करता है , यदि आप शिलाजीत का सेवन करते हैं तो आपको मिर्च मसाले खटाई और अधिक नमक के सेवन से बचना चाहिये।
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तनाव की समस्या होगा दूर :-

आजकल के समय में लोगों का जीवन काफी व्यस्त हो गया है जिसकी वजह से तनाव का होना आम बात सी हो गई है, यदि आप भी तनाव में रहते हैं तो अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिये अश्वगंधा का सेवन करने से तनाव को पैदा करने वाले हार्मोन संतुलित हो जाते हैं ,जिसकी वजह से व्यक्ति को टेंशन की समस्या से निजात मिलती है।

शरीर में ऊर्जा बढ़ाने का काम करता है :-


अगर आप शिलाजीत का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर में तुरंत ऊर्जा आ जाती है ।अश्वगंधा का सेवन ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना गया है, इसमें विटामिन और प्रोटीन अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं जिसकी उपयोग से आपके शरीर में ऊर्जा बढ़ती है।

हड्डियों को मजबूत बनाये :-


अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं, तो हड्डियों से संबंधित सभी बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द और गठिया और शरीर की कमजोरी की समस्या दूर होती है शिलाजीत के सेवन से आपकी हड्डियां मजबूत और शक्तिशाली बनती हैं।

ब्लड प्रेशर में लाभदायक :-


आप शिलाजीत का सेवन करके ब्लड प्रेशर की समस्या को सामान्य कर सकते हैं, अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर में खून साफ होता है और शरीर के नसों में रक्त संचार सही प्रकार से होता है।

अश्वगंधा का सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही फायदेमंद माना गया है, अगर आप शिलाजीत का सेवन करते हैं तो बहुत सी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। इसका सेवन करके पुरुषों की कई समस्याएं दूर होती हैं।

Saturday, October 12, 2019

गर्म पानी पीने के क्या फायदे? (What are the benefits of drinking hot water?)

एक गिलाश गर्म पानी पीने से दूर करे कई परेशानी



एक कहावत है कि जल ही जीवन है यह बात सही है जल के बिना मनुष्य हो या जानवर कोई भी जीवित नही रह सकता है।गर्म पानी पीने में भले ही अच्छा न लगे लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ आपको जरूर इसे पीने पर मजबूर कर देंगे, यूं तो 8 से 10 गिलाश पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन अगर दिन में तीन चार बार गर्म पानी पीने की आदत डाल लिया जाए तो शरीर को बीमारियों से आसानी से बचाया जा सकता है।

A drink can relieve many problems by drinking hot water



 There is a saying that water is life. It is true that no man or animal can live without water. Even if it is not good to drink hot water, its health benefits will definitely make you drink it.  So drinking 8 to 10 gilash water is very important for the body, but if habit of drinking hot water three to four times a day is used then the body can be easily protected from diseases.





गर्म पानी या  गुनगुना पानी बहुत ही लाभदायक होता है,जहां ठंडा पानी पाचन शक्ति को धीमा करता है वहीं गुनगुना पानी पाचन शक्ति सुचारू रूप से चलाता है। गर्म पानी से निकलने वाला भाप साइनस से होने वाले सिरदर्द में आराम पहुचाता है। गर्म पानी पीने से पाचन क्रिया काफी अच्छी रहती है और इससे पेट में गैस नहीं बनता है । खाना खाने के बाद गुनगुना गर्म पानी पीने से खाना जल्दी पच जाता है और पेट हल्का हल्का रहता है, जिन लोगों को गठिया की परेशानी है, उन्हें गर्म पानी जरूर पीना चाहिए। इससे नर्वस सिस्टम भी शांत रहता है। गरम पानी पीने से शरीर का एंडोक्राइन सिस्‍टम सुचारू हो जाता है जिससे पसीना काफी निकलता है। यह एक प्रकार का पसीना होता है जो शरीर से निकल रहा होता है और यह शरीर के लिए लाभदायक होता है। वहीं ऐसा माना जाता है कि गर्म पानी पीने से पेट की चर्बी तेजी से गलती है। इसलिए ऐसा पानी पीना स्वास्थ्य के लिये बेहतर है। गर्म पानी को स्ट्रेस बूस्टर भी कहा जाता है। नींबू और शहद वाला गर्म पानी भी पीने से पेट की  चर्बी तेजी से गलता है।

Hot water or lukewarm water is very beneficial, where cold water slows the digestive power while lukewarm water makes the digestive power run smoothly.  Steam emanating from hot water gives relief in sinus headache.  Digestive activity is very good by drinking hot water and it does not produce gas in the stomach.  Drinking lukewarm water after eating food digests food quickly and keeps the stomach light, people who have arthritis problem must definitely drink hot water.  This also keeps the nervous system calm.  By drinking hot water, the endocrine system of the body becomes smooth due to which perspiration is exhaled.  It is a type of sweat which is coming out of the body and it is beneficial for the body.  At the same time, it is believed that drinking hot water is a mistake for fasting abdominal fat.  Therefore, drinking such water is better for health.  Hot water is also called stress booster.  Drinking warm water with lemon and honey also makes the belly fat fast.

1. वजन कम करे में सहायक :-

अगर आपका वजन लगातार बढ़ रहा है और आपकी लाख कोशिशों के बावजूद भी कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है तो आप गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर लगातार तीन महीने तक पिएं। आपको फर्क जरूर महसूस होगा, अगर आप ये स्वास्थ्य जल नहीं पीना चाहते हैं तो आप खाना खाने के बाद एक कप गुनगुना गर्म पानी पीना शुरू करें आपको इसका लाभ जरूर दिखेगा।गर्म पानी पीने से शरीर मे अतिरिक्त वसा को भी बाहर निकाल देता है जिससे आपका वजन कम हो जाता है।

1. Help in reducing weight: -


 If your weight is increasing continuously and despite your millions of efforts, there is no difference, then you drink honey and lemon mixed with hot water and drink it continuously for three months.  You will definitely feel the difference, if you do not want to drink this health water then you start drinking a cup of lukewarm water after eating. You will definitely see its benefit. Drinking hot water also removes excess fat in the body, so that  You lose weight.


2. सर्दी-जुकाम से छुटकारा :-

बदलते मौसम में  अगर छाती में जकड़न और जुकाम की शिकायत रहती है तो गर्म पानी पीना आपके लिए रामबाण से कम नहीं है। गर्म पानी पीने से गला भी ठीक रहता हैऔर गले मे खरास भी नही होता है।गर्म पानी के सेवन से आराम मिलता है।यह शरीर के विषैले पदार्थ को भी बाहर निकाल देता है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

2. Get rid of cold and cold: -


 If there are complaints of chest tightness and cold in the changing season, then drinking hot water is nothing less than a panacea for you.  Drinking warm water also keeps the throat fine and does not cause a sore throat. Consumption of hot water provides relief. It also flushes out the body's toxic material, which also increases immunity.

3. पीरियड्स के दर्द में राहत:-

पीरियड्स में अगर आपका सरदर्द रहता है तो गर्म पानी पीने से राहत दिलाता है । इस दौरान गर्म पानी से पेट की सिकांई करने से भी काफी फायदा मिलता है और गर्म पानी पीने से मांसपेशिया की ऐंठन में भी राहत दिलाता है।

3. Pain relief of periods: -


 If you have headache during periods, drinking hot water gives relief.  During this time, compressing the stomach with warm water is also very beneficial and drinking hot water also relieves muscle spasms.

4. शरीर को करे डिटॉक्‍स :-

गर्म पानी पीने से शरीर को डिटॉक्‍स करने में मदद मिलती है और यह शरीर की सारी अशुद्धियां को बहुत आसानी से साफ कर देता है। गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ने लग जाता है, जिससे पसीना आता है और इसके माध्यम से शरीर की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं ।यह शरीर मे जमे अतिरिक्त वसा को भी हटा देता हूं।

4. Detox the body: -


 Drinking hot water helps in detoxing the body and it cleans all the impurities of the body very easily.  Drinking hot water causes the body temperature to rise, which causes sweating and through this the impurities of the body are removed. It also removes excess fat in the body.

5. उम्र को जवा रखे :-

चेहरे पर झुर्रिया आपको परेशान करने लगती हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। आज ही से गर्म पानी पीना शुरू कर दें और कुछ ही हफ्तों में देंखेगे इसका चमत्कार। त्‍वचा में कसाव आने लगेगा और यह चमकदार ग्लो भी हो जाएगी।

5. Keep the age alive: -


 There is nothing to worry if the wrinkles on your face start bothering you.  Start drinking hot water from today and will see its miracle in a few weeks.  The skin will start to tighten and it will also glow bright.

6. बालों के लिए है लाभदायक :-

इसके अलावा गर्म पानी का सेवन से बालों और त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इससे बाल चमकदार बनते हैं और यह इनकी ग्रोथ के लिए के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

6. Is beneficial for hair: -

 Apart from this, consuming hot water is also very beneficial for hair and skin.  This makes the hair shiny and it is also very beneficial for their growth.

7. पेट को रखे सुचारू :-

गर्म पानी पीने से पाचन क्रिया अच्छी रहती है और यह गैस की समस्या में भी राहत दिलाता है। खाना खाने के बाद एक कप गर्म पानी पीने का आदत जरूर डालें। ऐसा करने से खाना जल्‍दी पच जाता है और पेट हल्‍का हल्का रहता है।

7. Keep the stomach smooth: -


 Drinking warm water helps in digestion and relieves gas problems.  After eating food, definitely make a habit of drinking one cup of hot water.  By doing this, the food gets digested quickly and the stomach is light.


8. ब्‍लड  सर्कुलेशन को ठीक रखे :-

शरीर को ठीक से चलाने के लिए खून का संचार पूरी शरीर में सही से होना बहुत जरूरी है और इसमें गर्म पानी पीना बहुत ही लाभदायक रहता है।

8. Keep blood circulation correct: -


 In order to keep the body running properly, it is very important for the circulation of blood throughout the body and drinking hot water is very beneficial in it.

9.शरीर में एनर्जी  लाये :-

सॉफ्ट ड्रिंक की जगह गुनगुना पानी या नींबू पानी पीने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ेगा और पाचन क्रिया भी सही रहेगा।

9. Bring energy into the body: -


 Drinking lukewarm water or lemonade instead of soft drinks will increase your energy level and digestion will also be right.

10. जोड़ों का दर्द में लाभदायक :-

गर्म पानी पीने से जोड़ो में चिकना बनाता है और जोड़ो का दर्द भी कम करता है। हमारी मांसपेशियों का 80 प्रतिशत भाग पानी से बना हुआ है इसलिए पानी पानी से मांसपेशियों की ऐंठन भी दूर होती है।

10. Beneficial in joint pain: -


 Drinking warm water makes joints smooth and also reduces joint pain.  80 percent of our muscles are made up of water, so water can also relieve muscle spasms.

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Friday, September 27, 2019

सहजन पेड़ नही मानव के लिए कुदरत का वरदान है।

                   एक पेड़ अनेक गुण

सहजन के पेड़ को ड्रमस्टिक(drumstick) या मोरिंगा(Moringa) के नाम से जाना जाता है त्रिकोणीय मुड़ी हुआ फल है। सहजन के फायदे गुण लाभ अनेक है सहजन के पेड़ पर वर्ष में एक बार फूल और फिर फल लगते हैं। इसका फल पतला लंबा और हरे रंग का होता है जो पेड़ के तने से नीचे लटका होता है। सहजन के पेड़ का हर एक हिस्सा बहुत फायदेमंद होता है और खाने के साथ ही बीमारियों के भी इलाज में उपयोग किया जाता है।सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके अलग-अलग हिस्सों में 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। इसमें 92 तरह के मल्टीविटामिन्स, 46 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं। चारे के रूप में इसकी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुना और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि की रिपोर्ट है। यही नहीं इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में सवाया से अधिक की बृद्धि होती है। इतने गुणों के नाते सहजन चमत्कार से कम नहीं है।

सहजन का उपयोग :-

सहजन की पत्तियां एवं फूल घरेलू उपचार में हर्बल मेडिसिन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके फूलों एवं फलों को सब्जियों के रूप में उपयोग किया जाता है। सहजन का गुदा और बीज सूप, करी और सांभर में इस्तेमाल किया जाता है। सहजन का सूप इसकी पत्तियों, फूलों, गूदेदार बीजों से बनाया जाता है जो कि बहुत ही पोषक युक्त होता है और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।इसके फूल, फली और टहनियों को अनेक उपयोग में लिया जा सकता है। भोजन के रूप में अत्यंत स्वादिष्ट और पौष्टिक है और इसमें औषधीय गुण भी हैं। इसमें पानी को शुद्ध करने के गुण भी मौजूद हैं। सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और छाल पत्ती, गोंद, जड़ आदि से दवाएं तैयार की जाती हैं। सहजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में है। सहजन में दूध की तुलना में ४ गुना कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है।



अनेकों अवषधिय गुण :-

सहजन की छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़ें नष्ट होते है और दर्द में आराम मिलता है। सहजन के कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होती है। सहजन की जड़ का काढे को सेंधा नमक और हींग के साथ पीने से मिर्गीसहजन की फली वात व उदरशूल में पत्ती नेत्ररोग, मोच ,शियाटिका ,गठिया में उपयोगी है। सहजन की जड़ दमा, जलोधर, पथरी,प्लीहा रोग के लिए उपयोगी है। छाल का उपयोग शियाटिका ,गठियाए,यकृत आदि रोगों के लिए श्रेयष्कर है। सहजन के विभिन्न अंगों के रस को मधुर,वातघ्न,रुचिकारक, वेदनाशक,पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वातए व कफ रोग शांत हो जाते है, इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया, शियाटिका ,पक्षाघात,वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है, शियाटिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा तीव्र गति से चमत्कारी प्रभाव दिखता है।

सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है। सहजन को अस्सी प्रकार के दर्द व बहत्तर प्रकार के वायु विकारों का शमन करने वाला बताया गया है। सहजन की सब्जी खाने से पुराने गठिया ए जोड़ों के दर्दए वायु संचय , वात रोगों में लाभ होता है। सहजन के ताज़े पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है। सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है। सहजन की जड़ की छाल का काढा सेंधा नमक और हिंग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है। सहजन के पत्तों का रस बच्चों के पेट के कीड़े निकालता है और उलटी दस्त भी रोकता है। सहजन फली का रस सुबह शाम पीने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है। सहजन की पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा के दौरों में लाभ होता है। सहजन की पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सुजन ठीक होते है। सहजन के पत्तों को पीसकर गर्म कर सिर में लेप लगाए या इसके बीज घीसकर सूंघे तो सर दर्द दूर हो जाता है। सहजन के बीज से पानी को काफी हद तक शुद्ध करके पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बीज को चूर्ण के रूप में पीस कर पानी में मिलाया जाता है। पानी में घुल कर यह एक प्रभावी नेचुरल क्लैरीफिकेशन एजेंट बन जाता है। यह न सिर्फ पानी को बैक्टीरिया रहित बनाता है बल्कि यह पानी की सांद्रता को भी बढ़ाता है जिससे जीवविज्ञान के नजरिए से मानवीय उपभोग के लिए अधिक योग्य बन जाता है।

सहजन के गोंद को जोड़ों के दर्द और शहद को दमा आदि रोगों में लाभदायक माना जाता है। सहजन में विटामिन सी की मात्रा बहुत होती है। विटामिन सी शरीर के कई रोगों से लड़ता है खासतौर पर सर्दी जुखाम से। अगर सर्दी की वजह से नाक कान बंद हो चुके हैं तोए आप सहजन को पानी में उबाल कर उस पानी का भाप लें। इससे जकड़न कम होगी। सहजन में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है जिससे हड्डियां मजबूत बनती है। इसके अलावा इसमें आयरन , मैग्नीशियम और सीलियम होता है।सहजन का जूस गर्भवती को देने की सलाह दी जाती है। इससे डिलवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलवरी के बाद भी मां को तकलीफ कम होती है। सहजन में विटामिन ए होता है जो कि पुराने समय से ही सौंदर्य के लिये प्रयोग किया आता जा रहा है। इस हरी सब्जी को अक्सर खाने से बुढापा दूर रहता है। इससे आंखों की रौशनी भी अच्छी होती है।सहजन का सूप पीने से शरीर का रक्त साफ होता है। पिंपल जैसी समस्याएं तभी सही होंगी जब खून अंदर से साफ होगा।

सहजन के फूल के फायदे यूटीआई के रोगों में :-

सूजन को कम करने वाली हर्बल क्रीम और मसल्स की पीड़ा को दूर करने वाली क्रीम बनाने में सहजन के फूलों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा सहजन के फूलों का चाय बनाकर पीने से इसमें मौजूद पोषण की वजह से महिलाओं में यूटीआई की समस्या खत्म हो जाती है। इसके अलावा बच्चे को दूध पीलाने वाली महिलाओं को सहजन के फूलों का सेवन करने से दूध बढ़ता है।

सहजन के गुण स्पर्म बढ़ाने में सहायक :-

विटामिन के अलावा जिंक, कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल सहजन (drumstick) में पाये जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। पुरुषों में स्पर्म बनने में जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और कैल्शियम खून की कमी नहीं होने देता है। सहजन की छाल में पाये जाने वाले यौगिक पतले सीमेन (semen) की समस्या को खत्म कर स्पर्म की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं।

सहजन के लाभ वजन घटाने में :-


एक शक्तिशाली मूत्रवर्धक का कार्य करने के कारण सहजन का इस्तेमाल करने से यह वजन घटाने में मदद करता है। यह एंटीबायोटिक और पेनकिलर का भी काम करता है और सूजन एवं दर्द दूर करने में सहायक होता है। इसकी सब्जी खाने से क्षतिग्रस्त कोशिकाओं के मरम्मत में यह मदद करता है।

सेक्स के आनंद के लिए सहजन है गुणकारी :- 

यौन रोगों को दूर कर यौन शक्ति बढ़ाने, उत्तेजना पैदा करने और जननांगों की बीमारियों को दूर करने में भी सहजन का उपयोग बहुत लोकप्रिय है। अच्छा यौन सुख प्राप्त करने के लिए सहजन के फली का उपयोग किया जाता है।

भोजन पचाने में सहायक :-

विटामिन B-कॉम्पलेक्स एवं फोलिक एसिड, पाइरीडॉक्सिन सहजन की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है यह ये सभी तत्व भोजन को आसानी से पचने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। सहजन के पत्तियों में मौजूद विटामिन पाचन क्रिया को नियंत्रित करते हैं। इसकी सूखी पत्तियों का पावडर गर्म पानी से सेवन किया जा सकता है।

सहजन के फायदे चेहरे पर ग्लो के लिए :- 

पोषक तत्व जैसे विटामिन बी, प्रो विटामिन, बीटा-कैरोटीन और प्रोटीन आदि सहजन के पत्तियों में अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल चेहरे पर चमक लाने और बालों की अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। सहजन की हरी पत्तियों को पीसकर चेहरे एवं बालों में लगाने से फायदा मिलता है।

सहजन के फायदे पानी को शुद्ध करने में :- 

स्वाद में मूली की तरह ही सहजन की जड़ का स्वाद होता है। सहजन का कटा हुआ जड़ की कुछ मात्रा मसालों के रूप में उपयोग की जाती है। इसका प्रयोग परफ्यूम, दवा, उर्वरक और पानी को शुद्ध करने के लिए किया जा सकता है। इसलिए इसके जड़ को बहुत उपयोगी माना जाता है।

सहजन की जड़ के फायदे बीमारियों के इलाज में :- 

एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होने के कारण सहजन की जड़ों का उपयोग बहुत सी बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। सहजन अस्थमा, पाचन की बीमारी, गैस, त्वचा की समस्याएं, थायरॉइड और सूजन को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है।

सहजन के तेल के फायदे मुंहासे के लिए :-

सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है जो बिना महक के एवं साफ होता है और इस तेल में बेहेनिक एसिड  की अधिक मात्रा पायी जाती है। सहजन के तेल को चेहरे पर लगाने से मुंहासे के दाग धब्बे  एवं ब्लैक स्पॉट दूर हो जाते हैं और चेहरा एकदम साफ हो जाता है। सहजन के बीज का प्रयोग शरीर एवं चेहरे को पोषण देने के लिए फेशियल मास्क और बॉडी मास्क के रूप में भी किया जाता है।h

सहजन की पत्तियों के फायदे पोषक तत्वों के लिए :- 

पालक की ही तरह  सहजन की पत्तियों को पकाकर खाने से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम प्राप्त हो जाता है। इसके अलावा इसके पत्तियों को सूखाकर पावडर का इस्तेमाल किया जा सकता है या  सूप बनाकर पोषक तत्वों को प्राप्त किया जा सकता है।

त्वचा को जवा बनाये रखे :-

त्वचा पर होने वाली कोई समस्या या त्वचा रोग के लिए सहजन बेहद लाभदायक है। इसकी कोमल पत्त‍ियों और फूलों को भी सब्जी के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जो आपको त्वचा की समस्याओं से दूर रखकर जवां बनाए रहने में भी मददगार है।

माहवारी की समस्या में फायदा :-

महिलाओं के लिए सहजन का सेवन फायदेमंद होता है। यह माहवारी संबंधी परेशानियों के अलावा गर्भाशय की समस्याओं से भी बचाए रखता है और बेहतर सेहत प्रदान करता है।

रोग-प्रतिरोधक बढ़ाने में :-

सहजन में विटामिन सी का स्तर उच्च होता है जो आपकी रोग प्रतरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई बीमारियों से आपकी रक्षा करता है। तो अगर बीमारियों को दूर रखना है तो सहजन से दूरी न बनाएं।


बबासीर की समस्या में लाभ :-

बवासीर जैसी समस्याओं का इलाज भी सहजन के पास है। इसका सेवन करते रहने से बवासीर और कब्जियत की समस्या नहीं होती। वहीं पेट की अन्य बीमारियों के लिए भी यह फायदेमंद है।

सहजन के नुकसान :-

सहजन के फायदे आपने जाने लेकिन अधिक मात्रा में सहजन का सेवन से आपको इससे नुकसान भी हो सकता है आइये जानते है सहजन के नुकसान क्या है :-

१  प्रेगनेंट महिलाओं को सहजन का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात का खतरा बना रहता है।

२  सहजन की पत्तियों में लैक्जेटिव गुण होता है जिसकी वजह से पेट गड़बड़ हो सकता है और अधिक सेवन करने पर सीने में जलन और डायरिया हो सकता है।

३  जिन लोगों का रक्त अधिक पतला है और वे किसी दवा का सेवन कर रहे हों उन्हें सहजन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खून को अत्यधिक पतला कर देता है।





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Saturday, August 31, 2019

लहसुन और शहद के चमत्कारी फायदे

लहसुन और शहद के उपयोग से घोड़े जैसा फुर्ती पाये

लहसुन का उपयोग आमतौर पर हम सब्जी को स्वादिष्ट बनाने के
लिए करते है पर लहसुन के उपयोग से हम कई तरह के शारीरिक रोगों से छुटकारा पा सकते है।

शहद और लहसुन दोनों ही ऐसी चीजें हैं जिनका उपयोग करने से हमारे शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं। एक तरफ जहां शहद में एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं, तो वहीं लहसुन में एलिसिन और फाइबर शामिल होता है जोकि हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है। आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप शहद और लहसुन को मिलाकर इसका सेवन करते हैं, तो इससे आपको किस तरह के फायदे होंगे।


अदरक और लहसुन दोनों में एंटी फंगल, एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं। इसे साथ में खाने से बॉडी के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी पूरी होती है। 

1. वजन कम करने में सहायक :-

शहद और लहसुन को मिलाकर इसका सेवन करने से हमारे शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी कम हो जाती है। इसी के साथ मोटापे से  आपको छुटकारा मिलता है।

2.हिर्दय रोग में फायदा :-

लहसुन और शहद का सेवन करने से हमारे शरीर मे कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे दिल से संबंधि समस्याओं का खतरा कम रहता है।

3. दाँतो को मजबूत करे :-

अगर आपके दांत कमजोर हो रहें हैं तो ऐसे में आप लहसुन और शहद का उपयोग करे इससे आपके दाँत मजबूत बनाता हैं। इसमें फास्फोरस और एंटीसेप्टिक गुण होता है जो दाँत के दर्द और दांतों से जुड़ी समस्यायों को दूर करता है।

4. सर्दी जुकाम से राहत :-

लहसुन और शहद का सेवन करने से हमारे शरीर का तापमान बढ़ती है जिससे सर्दी और जुकाम जैसी समस्या कुछ ही समय में दूर हो जाती है। इससे गले की खराश भी दूर हो जाती है, क्योकि इसमे एंटी सेप्टिक और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं।

5. इंफेक्शन में लाभ :-

अगर आपको किसी भी तरह का इंफेक्शन हो, तो ऐसे में आप लहसुन और शहद के मिश्रण का सेवन कर सकते हैं। इसका उपयोग करने से आपको फंगल इंफेक्शन में फायदा मिलता है, क्योकि इसमे एन्टी-फंगल गुण होता है।

6. पुरुषार्थ में फायदा :-


शुध्द शहद को बिना गर्म किये आप सेवन करेगे तो यह पुरुषार्थ और प्रजनन में लाभ पहुचाता है क्योंकि इसमें अनेक प्रकार के विटामिन्स जैसे जिंक और विटामिन E पाया जाता है, जो आपके सेक्सुअल जीवन को बेहतर बनाने के लिए बहुत उपयोगी है ।आप रात को सोते वक्त शहद और लहसुन का सेवन करते है तो यह आपके सेक्सुअल स्टैमिना और प्लेज़र को बढ़ा देता है।

सावधानिया :-

लहसुन गर्म प्राकृतिक का होता है और शहद भी इसका उपयोग आप अपने प्राकृतिक देख कर सेवन करे। अगर आपको इसका उपयोग से सिने में जलन हो तो आप खाना खाने के एक घंटा बाद सेवन करे बाद में धीरे धीरे बढ़ा दें।

Monday, August 19, 2019

पपीता के एक पत्ता से अनेक रोगों को कोसों दूर करे

आप सभी लोग पपीता के पका फल खाएं होंगे और बहुत जगहों पर कच्चे पपीते के सब्जी के रूप में उपयोग होता है। आज हम आपको पपीता के पत्ते के अवषधि के गुणों के बारे में जानकारी देंगे। इसके पत्ते में A, B,C,D,E और कैल्शियम की मात्रा होती है।

आपके शरीर मे जितने भी रोग है ,वह पपीते के पत्ते के रस के उपयोग से  दूर हो सकते है।आजकल लोग अपने शरीर के प्रति बहुत ही सजग रह रहे है। पपीता के पत्ते कई खतरनाक बीमारियों में असरदार होता है जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, कैंसर इत्यादि।
जिसप्रकार पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है उसी प्रकार पपीता के पत्तियों से निकाला गया रस हमे बहुत लाभ पहुचाता है। पपीता के पत्ते का रस अनेक बीमारियों में लाभ दिलाता है।


पपीता के पत्ते में कारपेन नामक एल्कलाइन होता है जिसमें किमोप्रोटेक्टिव इफेक्ट होता है जो कई घातक बीमारियों को ठीक करता है। इसके अलावा इसमें एन्टी- मलेरिया गुण भी होता है जो मलेरिया से प्रभावित लोगो को ठीक करता है। इसमें पापेन, एल्केलायड और फेनोलिक कंपाउंड भी होता है।


पपीते के पत्ते के जूस पीने के फायदे........

डेंगू और मलेरिया का रामबाण दवा

पपीता की पत्तियों के रस  डेंगू और मलेरिया के रोगों से लड़ने में लाभकारी होता है। इस बुखार की वजह से घटती प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने और शरीर मे कमजोरी को बढ़ने से रोकता है।


डेंगू की यह बीमारी एडीज मच्छरों के कारण होती है। इस मच्छरो के काटने से डेंगू के जीवाणु हमारे रक्त में संचारित हो जाता है जिससे उच्च बुखार, त्वचा पर चकते और प्लेटलेट्स की कमी का कारण होता है। पपीता के पत्ते के रस से डेंगू के रोगों में लाभकारी होता है।


डायबिटीज के रोगों की दवा

डायबिटीज के रोगों में पपीता के पत्ते के रस बहुत ही लाभकारी होता है।पपीता के पत्तो में पॉलीफेनोल सैपोनिन आदि मौजूद होता है जिसके कारण इसका रस एक शक्तिशाली एंटीइंफ्लेमेटरी का काम करता है।
पपीता के पत्तो का अर्क से मधुमेह से पीड़ित चूहों पर शोध में शुगर और लिपिड लेवल को कम करने सहायक हुआ है।

कैंसर से बचाव करे


पपीता के पत्ते में कैंसर रोधी गुण होते है जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है और यह सर्वाइकल, ब्रैस्ट कैंसर जैसे कैंसर सेल्स को बनने से रोकता है।


माहवारी के दर्द में आराम

जिस भी माता बहनों को माहवारी के समय ज्यादा दर्द रहता हो वह दर्द दूर करने के लिये पपीता के पत्ते का काढ़ा बना कर पीने से माहवारी के दर्द में आराम मिलेगा इसके लिये एक पपीता का पत्ता थोड़ा ईमली स्वादानुसार नमक और एक गिलास पानी मिक्स कर के इसे उबालिये और काढ़ा तैयार हो जाये तो इसे पीजिये दर्द में आराम मिलेगा।

पाचन और कब्ज में सहायक


पपीता के पत्ते में अनेक प्रकार के विटामिन्स, प्रोटीन ,कार्बोहायड्रेट, कैल्शियम, आयरन, सोडियम और मैग्नीशियम आदि पाये जाते है। इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।फाइबर आँतो की दीवार को चिकना और मल को मुलायम कर कब्ज की समस्या को दूर करता है।

इसके अलावा पपीते की पत्तियों के रस में पाए जाने वाला पैपन नामक एंजाइम जटिल प्रोटीन को सरल कणो में तोड़ कर पाचन क्रिया को आसान बना देता है।

मुँहासे को दूर करे


कील मुहासों की समस्या युवाओं और युवती में आजकल ज्यादा ही समस्या रहता है इससे छुटकारा पाने के लिए आप पपीते के सूखे पत्ते का पेस्ट बना कर चेहरे पर लगा कर थोड़ी देर छोड़ दे और बाद में साफ पानी से धो ले ऐसा एक सप्ताह करने से आपकी कील - मुँहासे की समस्या में लाभ मिलेगा।

वजन कम करने में सहायक


मोटापा के कारण अनेक रोग हमारे शरीर मे हो जाता है और शरीर बेढंग और भद्दा दिखने लगता है।अगरआप मोटापा की समस्या से परेशान है तो आप पपीता के पत्तियों का रस उपयोग कीजिये लाभ मिलेगा।

एक बर्तन ले उसमे थोड़ा पानी डाले  और पपीता के ताजा पत्ती और संतरा के फाक डाले। इनको उबलने दे थोड़ी देर उबलने के बाद उतार कर ठंडा हो जाने पर पी ले। यह शरीर से अतिरिक्त वसा को हटा देता है।

डेंड्रफ की समस्या से छुटकारा


अगर आपको रूसी की समस्या रहती है तो आप पपीता के पत्तियों का रस अपने बालों की जड़ो में लगाये और कुछ देर लगा रहने दे और फिर साफ पानी से धो ले।इससे डेंड्रफ की परेशानी दूर हो जाएगी।
पपीता के पत्ते के रस में कारपेन नमक तत्व पाया जाता है जो बालों की जड़ से गंदगी व तेल को हटा देता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नही होता है।
इसके अलावा यह त्वचा को भी निखरता है इसमें मौजूद कारपेन नामक तत्व त्वचा के गंदगी और रोम छिद्र को खोल देता है जिससे सारी गंदगी बाहर निकल जाती है।

सावधानी :-


पपीता के पत्ते का रस गर्भवती महिला को नही पीना चाहिए इससे गर्भपात होने का खतरा रहता है।

अगर कोई व्यक्ति हर रोज दावा का प्रयोग करते हो तो ऐसे व्यक्ति भी पपीता के पत्ते का रस उपयोग न करे।

Saturday, August 3, 2019

Treatment by acupressure of insomnia

                     एक्यूप्रेशर द्वारा अनिद्रा का इलाज 

आइये जानते है एक्यूप्रेशर के द्वारा हम अनिद्रा की समस्या से कैसे छुटकारा पा सकते है।


           आज के भाग- दौड़ की जिंदगी में बहुत से आदमियो की समस्या रात को नींद ना आना आजकल आम बात हो गई है। दिन भर की थकान और समय पर भोजन ना करना, ऑफिस में घंटो कंप्यूटर पर काम करना, घंटो मोबाइल फ़ोन पर गेम खेलना आदि ये सब अनिद्रा के प्रमुख कारण है।ज्यादा फ़ास्ट फूड और दोकान की तली हुई चीजों को खाना भी प्रमुख कारण है। रात को नींद न आने से आदमी दिन भर थकान महसूस करता है , शिरदर्द ,डिप्रेशन में और  किसी के जरा सी बातों पर चिड़चिड़ा  उठता है।
                 अनिद्रा के निवारण हेतु अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करने की सख्त जरुरत है, जिससे अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पाया जा सके।
  • रात में हल्का भोजन करे जो पचने में आसान हो।
  • कोशिस करे कि घर का बना ही खाना खाये बाजार की नही।
  • काफी देर रात को ना जागे और हो सके तो मोबाइल फ़ोन का उपयोग कम करें।
  • रात को शोने से पहले साफ पानी से आँखों को धोये।
  • ऑफिस में काम करते वक्त लगातार कंप्यूटर पर ना देखे थोड़ी अंतर में टहल ले।
  •  सुबह सूर्योदय से पहले उठ कर टहलें और योगासन करे।
अब जानतेे है कि एक्यूप्रेशर के द्वारा कैसे मिनटो में गहरा नींद में चले जायें।
                      ऊपर फोटो में जो पैर पर काले रंग की बिंदु है उस अस्थान पर अगूंठे से धीरे धीरे दबाये करीब तीन से पांच मिनटों में आपको अच्छी नींद आ जायेगी इसीप्रकार कुछ और भी फोट में एक्यूप्रेशर पॉइंट दी गई है आप वहाँ धीरे धीरे अँगूठे की सहायता से दबाये फोटो निम्नप्रकार की है :-





                        उपरोक्त फ़ोटो में जो काले रंग और लाल रंग की बिंदु मानव शरीर के अँगों में है ,आप वहाँ अपने अँगूठे की सहायता से धीरे धीरे दबाये आपको रात को बहुत जल्दी अच्छी नींद आ जायेगी। ध्यान रखे बहुत अत्यधिक जोर से ना दबाये नही तो दबाये हुये अस्थान पर दर्द भी हो सकता है आप सहने भर ही उपरोक्त अस्थान पर दबाये।

Thursday, August 1, 2019

Wheat Grass Benefits (गेंहू जवारे के फायदे)

रोज पिये गेहू के जवारे का रस, शरीर मे होंगे गजब के फायदे

(Drink wheat grass juice daily, the body will have amazing benefits)



गेंहू के जवारे में विटामिन्स और मिनिरल्स का बहुत बढ़िया स्रोत है। इसमे A, B, C, E और K के अलावा एमिनो एसिड्स, कैलोरोफिल और मैग्नीशियम भी पाया जाता है। स्वास्थ्यवर्धक और चिकित्सकीय गुणों से भरपूर गेंहू के जवारे को अंग्रेजी में wheat grass कहते है। यह बहुत से रोगों में लाभ पहुचाता है, जैसे डायबिटीज, कैंसर, त्वचा रोग,मोटापा, अर्थराइटिस,  कब्ज आदि रोगों में लाभ पहुचाता है।
१:- पेट और कब्ज की तकलीफ अगर किसी को रहती है तो वह गेहू के जवारे का रस उपयोग करने से फायदा मिलता है, इसमे अल्कलाइन होता है जिससे पेप्सिक अल्सर, डायरिया और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों से जुड़ी बीमारियों में लाभ मिलता है।
         इसीतरह इसमें मैग्नीशियम भी पाया जाता है जो कब्ज और आँतो की तकलीफ में राहत देता है।

Wheat jowar is an excellent source of vitamins and minerals.  Apart from A, B, C, E and K, it is also found in amino acids, calorophyll and magnesium.  Wheat jowar is known in English as wheat grass, which is full of health and healing properties.  It provides benefits in many diseases, such as diabetes, cancer, skin diseases, obesity, arthritis, constipation, etc. diseases.

 1: - If someone is suffering from stomach and constipation, then he gets benefit from using wheat grass juice, it contains alkaline which provides benefits in diseases related to pepsic ulcer, diarrhea and gastrointestinal diseases.

 Similarly, magnesium is also found in it, which relieves constipation and intestinal discomfort.

२ :- अर्थराइटिस की समस्या अगर किसी की हो तो वह गेहू के जवारे के रस में कॉटन भिगो कर अर्थराइटिस वाले जगह पर लगाने से लाभ मिलता है क्योकि इसमे जलन और सूजन कम करने वाले मिनिरल्स पाये जाते है।

2: - If someone has problem of arthritis, then by soaking cotton in wheat grass juice and applying it on the place of arthritis, it is beneficial because it contains minerals that reduce inflammation and inflammation.

३:- एनीमिया गेहू के जवारे में 70% तक क्लोरोफिल पाया जाता है जो शरीर मे खून बढ़ाने में मदद करता है। इसका रस नियमित सेवन करने से एनीमिया की शिकायत दूर हो जाती है।

3: - Anemia, up to 70% chlorophyll is found in wheat millet, which helps in increasing blood in the body.  Anemia is cured by taking its juice regularly.

४:- कैंसर के उपचार में गेहूं के जवारे का रस पीना बहुत ही लाभकारी है क्योंकि इसमे मौजूद क्लोरोफिल रेडिएशन के हानिकारक प्रभावों को कम करने में मदद करता है।

4 : - In the treatment of cancer, drinking wheat millet juice is very beneficial because the chlorophyll present in it helps in reducing the harmful effects of radiation.

५:- गेंहू के जवारे का रस डायबिटीज़ के रोगों में भी फायदा पहुचाता है, यह कार्बोहायड्रेट के अवशोषण में देरी उत्पन्न कर ब्लड शुगर के स्तर को विनियमित करने में मदद करता है। इसप्रकार यह डायबिटीज़ को नियन्त्रित करता है।

5: - Wheatgrass juice is also beneficial in diabetes diseases, it helps in regulating blood sugar levels by delaying the absorption of carbohydrates.  Thus, it controls diabetes.

            उपरोक्त रोगों में फायदा के अलावा यह आँखों की रोशनी बढ़ाने में, बालो को काला करने में,दाँतो की सड़न में और त्वचा को जवान रखने में फायदा पहुचाता है।

Apart from the benefits in the above diseases, it is beneficial in increasing eyesight, darkening hair, decaying teeth and keeping skin young.

सावधानिया:- गेंहू केे जवारे का रस अधिक सेवन से शिर दर्द और उल्टी की शिकायत  हो सकती है , पहले आप थोड़े मात्रा में इसका सेवन करे बाद में मात्रा बढ़ा दे। इसका अधिक सेवन से डायरिया और एलर्जी हो सकती है । आप गेेंहू के जवारे का रस चाय की तरह पिये एक बार मे घुट कर न पिये और आप १५ दिन से ज्यादा न पीयेें। बाद में फिर ७ या १५ दिन बाद फिर सेवन करे।


 Precautions: - Excessive consumption of wheatgrass juice may cause headaches and vomiting, first consume it in small quantities and then increase it later.  Excess intake of it can cause diarrhea and allergies.  You should drink the juice of wheat jowar like tea at a time and you should not drink more than 15 days.  Later, again, drink it again after 4 or 15 days.

Wednesday, July 31, 2019

कच्चे पपीता के घरेलू नुख्से

    कच्चे पपीते के फायदे के बारे में आप अनजान होंगे।

पपीता खाना सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता।मगर क्या आप जानते है कच्चे पपीता के फायदा के बारे में , इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन पाया जाता है जो बहुत से रोगों में फायदा होता है।रोजाना कच्चा पपीता खाने से पेट से लेकर कैंसर तक के बीमारिया दूर किया जा सकता है।बहुत जगहों पर कच्चे पपीते को लोग सब्जी भी बनाकर सेवन करते है।इसमें बिटामिन A, C , मैग्नीशियम और पोटैशियम होता है।



कच्चे पपीते के सेवन विभिन्न स्वास्थयसमस्यओं से छुटकारा पाया जा सकता है।यह सूजन को कम करने कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ह्रदय के रोगों में भी फायदा पहुचाता है।इसके फायदे निम्न प्रकार के है:-

१: कच्चा पपीता कब्ज में राहत पहुचाता है ,इसमे पैपिन की भरपूर मात्रा पाया जाता है , जो कब्ज को ठीक करने में सहायक होता है। अगर आपको कब्ज की समस्या है तो आप अपने भोजन में कच्चे पपीता का सेवन जरूर करे।

२: कच्चा पपीता गठिया और जोड़ो की समस्या में भी फायदा पहुचाता है आप इसे हरा चाय के साथ उबाल कर सेवन करे आप के गठिया रोग में आराम मिलेगा।

३: कच्चे पपीते के सेवन से पीलिया हो या लिवर की समस्या से निजात दिलाता है। यह लिवर को मज़बूती प्रदान करता है।कच्चे पपीते के सेवन से पीलिया रोग में आराम मिलता है।

४: कच्चे पपीते के सेवन सेवन से कोलोन और प्रोटेस्ट कैंसर का खतरा भी कम होता है। इसमें पाए जाने वाले एन्टी- ऑक्सीडेंट, फिटोन्यूट्रियाट्स और फ्लेयोनायड्स शरीर मे कैंसर की कोशिकाओं को बनने से रोकता है।

                         कच्चे पपीते के सेवन से और भी बहुत फायदे होते है जैसे सरीर में विटामिन की कमी ,इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करना, ब्रैस्ट फीडिंग में फायदा और यूरिन इन्फेक्शन में भी फायदा पहुचाता है।

उमीद करता हु की आपको यह जाकारी पसंद आई होगी और आप इसका लाभ उठाएंगे। ऐसे ही जानकारी के लिए आप हमारे ब्लॉग साइट पर विजिट करे। www.generaltips.net

Wednesday, December 19, 2018

कच्चे पनीर के सेवन हमारे शरीर के लिए लाभदायक होता ,कैसे जानिए।

हम सभी जानते है कि पनीर हमारे सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।पनीर दूध से बनता है। हमारे यहाँ कोई त्योहार या कोई मेहमान आ जाये तो हम पनीर की सब्जी तो जरूर बनाते है, हर किसी को पनीर की सब्जी पसंदीदा होता है,परन्तु बहुत कम लोगो को ही पता है कि कच्चे पनीर का नियमित इस्तेमाल करने से इसके होने वाले फायद के बारे में चलिये हम आप को जानकारी देते है।

                     
१ आपको बता दे कि पनीर में फास्फोरस और कैल्शियम का स्रोत माना जाता है जो शरीर को मजबूत बनाता है और आपको जान कर हैरानी होगी कि इसमें भी ओमेगा 3 भी पाया जाता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नही होता है। यह दिल के मरीजों के लिए भी  फयदेमंद होता है।

पनीर को हम सब्जियों और कई स्वादिस्ट व्यंजनों में भी प्रयोग करते है। आप इसके फायदे जानकर आप इसका प्रयोग करने लगेंगे। इसमे प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है ,जो हमारे पाचन क्रिया को पूर्णतः सही रखता है।फाइबर होने से हमारे शरीर मे कब्ज की भी शिकायत नही रहता है।

पनीर को पाचन में बहुत ही कारगर माना जाता है।इसमे प्रचुरमात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो हमारे शरीर को मजबूत बनाता है। इसके उपयोग से हमारे शरीर के हड्डियों और जोड़ो को भी मजबूती प्रदान होती है क्योंकि इसमें कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।



Tuesday, December 18, 2018

कई वर्ष पुराना से पूराना भी गठिया खत्म हो जायेगा इन उपायों से

पुराना से पुराना गठिया भी समाप्त हो जाएगा।

दोस्तो आज हम आपको बताने जा रहे है जिन उपयो को अगर आप उन्हें अपनाते है तो पुराना से पुराना गठिया तुरंत समाप्त हो जायेगा।
                                       हम बात कर रहे है पारिजात के पेड़ का हा दोस्तो पारिजात के पेड़ को हम रात रानी के नाम से भी जानते है , इसका फूल सफेद और पीछेवाले भाग नारंगी रंग का होता है। बस इसके 5 से 6 पत्ते को लेकर आपको पानी से अच्छछे तरह से साफ कर ले औरएक बर्तन मेंं पत्ते और 2 गिलास पानी डाल के तब तक उबले जब तक पानी आधा न हो जाये , जैसे ही पानी आधा हो जााये आप उतार केे ठंडा हो जाने पर सेवन करे 15 से 20 दिन मेंं आपको फायदा दिखाने लगेगा।

Saturday, November 17, 2018

Acupressure point in palm





आज हम आपको हाथों में शरीर के प्रमुख अँगों केंद्र को बताने जा रहे है जो आपके विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज आप अपनेहथेली से कर पाएंगे।
  • हथेली में जो अंग का चित्र जिस जगह में दिखता है , वहाँ अगर आप धीरे धीरे दबाते है तो आपको राहत मिलेगी, मानलीजिए अगर आपके आँखों मे कोई परेशानी हो तो आप हथेली के जिस भाग में आंख का चित्र दिया गया है आप वह धीरे -धीरे दबाइये आपको राहत मिलेगा।
  • इसी तरह अगर आप को कोई सेक्स से कोई परेशानी हो तो आप हथेली के ठीक नीचे पॉइंट दिए हुये केंद्र पर धीरे-धीरे दबाये आपको सेक्स से जुड़ी सारि समस्या का समाधान मिलेगा।
अगर आपको थाइरोइड का समस्या हो तो आप अगूंठे के पास वाला भाग जो उभरा हुआ होता है आप उस अस्थान को धीरे-धीरे दबाये आपको राहत मिलेगी।
        इसी तरह उपरोक्त दिये हुये अस्थान पर जिस अंगो का समस्या हो तो आप धीरे-धीरे दबाइये आपकी समस्या का समाधान मिलेगा बिना कोई दवाईयों के बिना।


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