Monday, August 19, 2019

पपीता के एक पत्ता से अनेक रोगों को कोसों दूर करे

आप सभी लोग पपीता के पका फल खाएं होंगे और बहुत जगहों पर कच्चे पपीते के सब्जी के रूप में उपयोग होता है। आज हम आपको पपीता के पत्ते के अवषधि के गुणों के बारे में जानकारी देंगे। इसके पत्ते में A, B,C,D,E और कैल्शियम की मात्रा होती है।

आपके शरीर मे जितने भी रोग है ,वह पपीते के पत्ते के रस के उपयोग से  दूर हो सकते है।आजकल लोग अपने शरीर के प्रति बहुत ही सजग रह रहे है। पपीता के पत्ते कई खतरनाक बीमारियों में असरदार होता है जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, कैंसर इत्यादि।
जिसप्रकार पपीता हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है उसी प्रकार पपीता के पत्तियों से निकाला गया रस हमे बहुत लाभ पहुचाता है। पपीता के पत्ते का रस अनेक बीमारियों में लाभ दिलाता है।


पपीता के पत्ते में कारपेन नामक एल्कलाइन होता है जिसमें किमोप्रोटेक्टिव इफेक्ट होता है जो कई घातक बीमारियों को ठीक करता है। इसके अलावा इसमें एन्टी- मलेरिया गुण भी होता है जो मलेरिया से प्रभावित लोगो को ठीक करता है। इसमें पापेन, एल्केलायड और फेनोलिक कंपाउंड भी होता है।


पपीते के पत्ते के जूस पीने के फायदे........

डेंगू और मलेरिया का रामबाण दवा

पपीता की पत्तियों के रस  डेंगू और मलेरिया के रोगों से लड़ने में लाभकारी होता है। इस बुखार की वजह से घटती प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने और शरीर मे कमजोरी को बढ़ने से रोकता है।


डेंगू की यह बीमारी एडीज मच्छरों के कारण होती है। इस मच्छरो के काटने से डेंगू के जीवाणु हमारे रक्त में संचारित हो जाता है जिससे उच्च बुखार, त्वचा पर चकते और प्लेटलेट्स की कमी का कारण होता है। पपीता के पत्ते के रस से डेंगू के रोगों में लाभकारी होता है।


डायबिटीज के रोगों की दवा

डायबिटीज के रोगों में पपीता के पत्ते के रस बहुत ही लाभकारी होता है।पपीता के पत्तो में पॉलीफेनोल सैपोनिन आदि मौजूद होता है जिसके कारण इसका रस एक शक्तिशाली एंटीइंफ्लेमेटरी का काम करता है।
पपीता के पत्तो का अर्क से मधुमेह से पीड़ित चूहों पर शोध में शुगर और लिपिड लेवल को कम करने सहायक हुआ है।

कैंसर से बचाव करे


पपीता के पत्ते में कैंसर रोधी गुण होते है जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में मदद करता है और यह सर्वाइकल, ब्रैस्ट कैंसर जैसे कैंसर सेल्स को बनने से रोकता है।


माहवारी के दर्द में आराम

जिस भी माता बहनों को माहवारी के समय ज्यादा दर्द रहता हो वह दर्द दूर करने के लिये पपीता के पत्ते का काढ़ा बना कर पीने से माहवारी के दर्द में आराम मिलेगा इसके लिये एक पपीता का पत्ता थोड़ा ईमली स्वादानुसार नमक और एक गिलास पानी मिक्स कर के इसे उबालिये और काढ़ा तैयार हो जाये तो इसे पीजिये दर्द में आराम मिलेगा।

पाचन और कब्ज में सहायक


पपीता के पत्ते में अनेक प्रकार के विटामिन्स, प्रोटीन ,कार्बोहायड्रेट, कैल्शियम, आयरन, सोडियम और मैग्नीशियम आदि पाये जाते है। इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।फाइबर आँतो की दीवार को चिकना और मल को मुलायम कर कब्ज की समस्या को दूर करता है।

इसके अलावा पपीते की पत्तियों के रस में पाए जाने वाला पैपन नामक एंजाइम जटिल प्रोटीन को सरल कणो में तोड़ कर पाचन क्रिया को आसान बना देता है।

मुँहासे को दूर करे


कील मुहासों की समस्या युवाओं और युवती में आजकल ज्यादा ही समस्या रहता है इससे छुटकारा पाने के लिए आप पपीते के सूखे पत्ते का पेस्ट बना कर चेहरे पर लगा कर थोड़ी देर छोड़ दे और बाद में साफ पानी से धो ले ऐसा एक सप्ताह करने से आपकी कील - मुँहासे की समस्या में लाभ मिलेगा।

वजन कम करने में सहायक


मोटापा के कारण अनेक रोग हमारे शरीर मे हो जाता है और शरीर बेढंग और भद्दा दिखने लगता है।अगरआप मोटापा की समस्या से परेशान है तो आप पपीता के पत्तियों का रस उपयोग कीजिये लाभ मिलेगा।

एक बर्तन ले उसमे थोड़ा पानी डाले  और पपीता के ताजा पत्ती और संतरा के फाक डाले। इनको उबलने दे थोड़ी देर उबलने के बाद उतार कर ठंडा हो जाने पर पी ले। यह शरीर से अतिरिक्त वसा को हटा देता है।

डेंड्रफ की समस्या से छुटकारा


अगर आपको रूसी की समस्या रहती है तो आप पपीता के पत्तियों का रस अपने बालों की जड़ो में लगाये और कुछ देर लगा रहने दे और फिर साफ पानी से धो ले।इससे डेंड्रफ की परेशानी दूर हो जाएगी।
पपीता के पत्ते के रस में कारपेन नमक तत्व पाया जाता है जो बालों की जड़ से गंदगी व तेल को हटा देता है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नही होता है।
इसके अलावा यह त्वचा को भी निखरता है इसमें मौजूद कारपेन नामक तत्व त्वचा के गंदगी और रोम छिद्र को खोल देता है जिससे सारी गंदगी बाहर निकल जाती है।

सावधानी :-


पपीता के पत्ते का रस गर्भवती महिला को नही पीना चाहिए इससे गर्भपात होने का खतरा रहता है।

अगर कोई व्यक्ति हर रोज दावा का प्रयोग करते हो तो ऐसे व्यक्ति भी पपीता के पत्ते का रस उपयोग न करे।

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