Monday, November 12, 2018

पुराना से पुराना गठिया का इलाज

आज हम आपलोगो को पुराना से पुराना गठिया के इलाज के लिए देसी आयुर्वेदिक दवा के बारे में बताएंगे। ग्वारपाठा का नाम आपलोग सुने होंगे जिसे इंग्लिश में alovera कहते है, धयान रहे ग्वारपाठा सुद्ध और साफ सुथरा जगह का होना चाहिए नही तो उसे सुध करने के विधि भी बता रहे है। उसके लिए गोबर का राख चाहिए और ग्वारपाठा को राख पर रख कर गोबर के कंडे रख कर जला देगे इस तरह ग्वारपाठा सुद्ध हो जाएगा।




आवश्यक सामग्री :-
ग्वारपाठा 4 से 5 
देशी घी
मीठा या चीनी
थोड़ी आटा


आटा और ग्वारपाठा को अच्छि तरह से मिला लेंगे और देसी घी से भून कर उसका छोटी छोटी लड्डू बना लेंगे और रोज सुबह खाली पेट 15 दिन तक सेवन करने से कितना भी पुराना जोड़ो और कमर दर्द हो जड़ से समाप्त हो जाएगा।


English Translations :-

Today we will tell you about indigenous Ayurvedic medicine for the treatment of chronic arthritis.  You must have heard the name of Guarpatha, which is called alovera in English, it should be noted that Guarpatha should be of a clean and clean place, otherwise it is also showing the method of correcting it.  For that, cow dung is needed and if you put guarpath on ashes and burn it with cow dung, this way the guarpath will be purified.

necessary ingredients :-

 Guarpatha 4 to 5 (alovera)

 Country ghee

 Jaggery or sugar

 Some flour

Mix the flour and guarpattha well and fry it with desi ghee and make small ladoos and after consuming it on an empty stomach for 15 days every day, no matter how old joints and backache will be eliminated from the root.

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