Friday, May 22, 2020

मुह के दुर्गन्ध से बचने के उपाय जाने

            मुँह से बदबू आये तो कैसे ठीक करे

मनुष्य एक समाजिक प्राणी होता है, इसनाते वह समूह और सामाजिक कार्य मे एक साथ कार्य करता है चाहे वह कार्य सामाजिक या व्यहारिक हो परंतु अगर किसी के मुँह से दुर्गन्ध आये तो लोग उस आदमी के साथ कोई बात नही करना चाहते है और कोई बोले कि आपके मुँह से दुर्गंध आती है तो बहुत ही समाज मे शर्म महसूश होती है। इससे कैसे छुटकारा पाया जाय हम आपको बतायेगे।




घर में कई ऐसी चीज़ें हैं, जिन्हे खाने के बड़े लाभ होते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, लौंग के बारे में वैसे तो लौंग आकार में छोटा है, लेकिन इसके कई लाभकारी चमत्कारी फायदे हैं।

जी हाँ, आप सभी को बता दें कि लौंग एक बहुत छोटा सा फूल के आकार का होता है, जो लौंग के पेड़ से ही आता है। आप तो जानते होंगे लौंग की हमारे भारतीय मसालों में मुख्य जगह है, इससे खाने से नया स्वाद, खुशबू मिलती है, तो आइए आज आपको बताते हैं इससे सेहत को होने वाले फायदे के बारे में :-


1 श्वास संबंधी रोगों में लाभदायक :- जी दरअसल लौंग के तेल का अरक इतना सशक्त होता है, कि इसे सूंघने से जुकाम, कफ, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनसाइटिस आदि समस्याओं में तुरंत लाभ मिल जाता है।इसी के साथ यह शरीर के लिए लाभदायक होता है।


2 दांतों के दर्द में आराम :- अगर किसी व्यक्ति के दांतों में दर्द हो तो वह लौंग के तेल के इस्तेमाल से निजात पा लेता है। इसी के साथ 99% टूथपेस्ट में होने वाले पदार्थो की लिस्ट में लौंग भी शामिल होता है।

3 खांसी और बदबूदार सांसों के निजात के लिए :- इसके लिए भी लौंग बहुत कारगर है। सर्दियों में गले मे खरास भी रहती है सब लौंग के उपयोग से ठीक हो जाता है, अगर आप लौंग का नियमित उपयोग करते हैं, तो इन समस्याओं से निजात मिल जाता है।

4 पाचन में लाभदायक :- आप भोजन में लौंग का उपयोग करते हैं, तो पाचन संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है। इसमें मौजूद तत्व अपच, उल्टी गैस्ट्रिक, डायरिया आदि समस्याओं से लाभ दिलाने में मददगार हैं।


5 कैंसर से बचाव :- लौंग के उपयोग से फेफड़े के कैंसर और त्वचा के कैंसर को रोकने में कफी सहायक होती है। इसमें मौजूद युजेनॉल नामक तत्व कैंसर होने से बचाता है। 


Monday, April 13, 2020

फल और सब्जी के छिलके के भी गजब के स्वास्थ्य लाभ, आइये जानते है


फल और सब्जी के छिलके के भी है , गजब के फायदे

फल व सब्जी जो की सेहत के लिए फायदेमंद होता है,उसे हम सीधेतौर पर या जूस के रूप में भी उपयोग करते है और इसके साथ ही उसके छिलके जो की अब तक आप आपने कचरे के डब्बे में उसे फेकते है, वो भी फायदेमंद होता है। हम आपको कुछ जानकारी बता रहे है, जिसे जानने के बाद आप उन छिलके को नहीं फेकेंगे। आईये जानते है फल और सब्जियों के क्या क्या फायदे होते हैं।



१ आम के छिलके के फायदे:-

आम के छिलके चर्बी को कम करने में लाभदायक होते हैं, परन्तु आम का गूदा नहीं हैं।इसे कच्चा भी खा सकते हैं या पका कर भी। जिन लोगो को कैंसर, डायबटीज और दिल की बीमारियां होती है, उनके लिए यह जड़ी बुटी के अनुसार फायदेमंद रहते है।




२ केले के छिलके के लाभ :-

केले के छिलके को या तो सीधे ही या फिर पेस्ट बनाकर लगाने से मुँहासे दूर हो जाते हैं और चेहरा चमकने लगती है। किसी कीड़े के काट लेने पर केले के छिलके को लगाने से लाभ मिलता है। आंखों में थकान महसूस होने पर कुछ देर केले के छिलके लगाने से आराम मिलता है। मस्सों पर भी नियमित रूप से केले का छिलका लगाने से वे जल्दी ही समाप्त हो जाते हैं।

३ निम्बू के छिलके के लाभ :-

नींबू का रस सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है और साथ ही इसका छिलका भी। नींबू का छिलका नियमित रूप से दांतों पर रगड़ने से दांत चमकदार बनते हैं। हाथों और पैरों की अंगुलियों के कालेपन को दूर करने के लिए आप नींबू का प्रयोग कर सकते हैं। स्किन पर दाग धब्बों को दूर करने के लिए नींबू के छिलके का उपयोग कर सकते हैं।

४ खीरे के छिलके के लाभ :-



खीरे के छिलके में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट, पोटाशियम और फाइबर पाया जाता है। इसलिए आप खीरे के छिलके का भी उपयोग कर सकते हैं।


५ आलू के छिलके के फायदे :-

आलू में काफी मात्रा में स्टार्च पाया जाता है, जिससे ये झुर्रियां हटाने में आपकी सहायता करता है, तो जितना हो सके आलू के छिलके को अपनी स्किन परे रगड़ें और झुर्रियों से छुटकारा पाये। आलू के छिलके में भी फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, इसलिए जितना हो सके आलू को इसके छिलके के साथ सब्जी खाने की ही आदत डालें।



नोट :- सब्जी और फल के छिलके की जानकारी हम अपने ब्लॉग से जानकारी के उधेश्य से दी है। उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।


Monday, March 16, 2020

ये एक समान से कोरोना वायरस आपको छू भी नही सकता है

आइये जानते है कैसे आपको कोरोना वायरस से बचा जाये। 


अभी पूरा विश्व मे कोरोना वायरस के प्रकोप से लोग सभी घबड़ाये हुये है परंतु आज के अधुनिकयुग में हम अपने पूर्वजों द्वारा उपयोग और बचाव की तौर तरीकों को हम भुलसे गए है ।हमारे पूर्वज बहुत पहिले जब सैनिटाइजर और साबुन नही थे तब वायरस को समाप्त करने के लिए निम्बू का उपयोग किया करते थे।

कोरोना वायरस जब इंसान में प्रवेश करता है तो वह गले मे 3 से 4 दिन राहत है और आपको गले मे खराश सुखी खाशी होती है । इसका बचाव आप लहसुन और अदरक का उपयोग करके आप वायरस को समाप्त कर सकते है और गर्म पानी मे नमक मिलाकर गरारा करे कोरोना वायरस समाप्त हो जाएगा।



कोरोना वायरस (Corona Virus) से अब आपको बिलकुल घबराने के जरुरत नहीं है। हाथ धोने के लिए अगर आपके पास साबुन या सैनिटाइजर नहीं भी हो तो भी ये जानलेवा वायरस छू नहीं सकता है। बस आपको बेहद आसान सा काम करना है। घर में आपको नींबू रखना है। जी हां, सुनकर आपको अजीब लगेगा, लेकिन एक नींबू आपको इस जानलेवा वायरस से बचा सकता है।

डाक्टर भी मानते हैं नींबू को सबसे सुरक्षित


हाथ धोने के लिए अगर आप नींबू का इस्तेमाल करते हैं तो वायरस आपके करीब भी नहीं फटक सकता है।

भारत में हाथ धोने के लिए नींबू का इस्तेमाल पुरातन काल से ही होता रहा है। बड़े बुजुर्ग भोजन से पहले या शौच के बाद भी घर में नींबू से हाथों को साफ करते थे। हाथों को धोने के लिए इन पारंपरिक चीजों का इस्तेमाल भर से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है।

भारतीय गांव के लिए वरदान है नींबू


देश में कोरोना वायरस फैलने के बाद ही अचानक बाजार में सैनिटाइजर की कमी हो गई है, लेकिन अभी भी आम लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं, कि कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथ धोना अहम है। यही वजह है कि ज्यादातर डॉक्टर बार बार हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में दूर-दराज और गांवों में, जहां सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में आप नींबू का रस हाथों में मल कर धो सकते हैं। हाथों को साफ रखने का ये एक सटीक और पारम्परिक तरीका है।


एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है नींबू में


एक शोध के मुताबिक बैक्टीरिया को मारने में नींबू काफी प्रभावशाली है दि जरनल ऑफ फंक्शनल फूड्स में बताया गया है कि इकोलाई जैसे महामारी से लड़ने के लिए नींबू का रस काफी प्रभावी रहा। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसी भी संक्रमण के दौरान आपको सैनिटाइजर या साबुन नहीं भी मिलता है तो नींबू के रस से हाथ धोकर बीमारियों से बचा जा सकता है

ऐसे करें नींबू से हाथ साफ


जानकारों का कहना है कि हाथों को साफ करने के लिए सबसे पहले नींबू का रस को हथेली पर निचोड़ें। रस को दोनों हाथोमें अच्छे से मलें। इसके बाद साफ पानी में दोनो हाथों को अच्छे से धो लें। किसी साफ कपड़े से हाथों को सुखा लें।


नोट :- मैं अपने ब्लॉग से वायरस के बचाव के बारे में बताया है जो हमारे पूर्वज प्राचीनतम विधि से उपयोग करते थे । आप इसके उपयोग के साथ डॉक्टर की सलाह अवस्य ले।

Saturday, March 14, 2020

ये शिलाजीत से भी गजब के फायदेमंद है जो बूढ़े में भी जवानी जैसी तागत लाये

अश्वगंधा प्रकृति का दिया हुआ एक ऐसा उपहार है, जो शारीरिक शक्ति को बढ़ाता है, यदि अश्वगंधा का सेवन किया जाए तो इससे बूढ़ा इंसान भी 16 से 20 साल के जवान व्यक्ति की तरह हो जाता है यानी उसके अंदर16 से 20 साल के जवान की तरह ताकत आ जाती है।

आइए जानते हैं अश्वगंधा के सेवन से मिलने वाले लाभदायक के बारे में


शारीरिक शक्ति बढ़ाने में फायदेमंद है :-


अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं , तो इसका सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है, कि यह पुरुषों की शारीरिक क्षमता को वृध्दि करता है , यदि आप शिलाजीत का सेवन करते हैं तो आपको मिर्च मसाले खटाई और अधिक नमक के सेवन से बचना चाहिये।
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तनाव की समस्या होगा दूर :-

आजकल के समय में लोगों का जीवन काफी व्यस्त हो गया है जिसकी वजह से तनाव का होना आम बात सी हो गई है, यदि आप भी तनाव में रहते हैं तो अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिये अश्वगंधा का सेवन करने से तनाव को पैदा करने वाले हार्मोन संतुलित हो जाते हैं ,जिसकी वजह से व्यक्ति को टेंशन की समस्या से निजात मिलती है।

शरीर में ऊर्जा बढ़ाने का काम करता है :-


अगर आप शिलाजीत का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर में तुरंत ऊर्जा आ जाती है ।अश्वगंधा का सेवन ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत माना गया है, इसमें विटामिन और प्रोटीन अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं जिसकी उपयोग से आपके शरीर में ऊर्जा बढ़ती है।

हड्डियों को मजबूत बनाये :-


अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं, तो हड्डियों से संबंधित सभी बीमारियां जैसे जोड़ों का दर्द और गठिया और शरीर की कमजोरी की समस्या दूर होती है शिलाजीत के सेवन से आपकी हड्डियां मजबूत और शक्तिशाली बनती हैं।

ब्लड प्रेशर में लाभदायक :-


आप शिलाजीत का सेवन करके ब्लड प्रेशर की समस्या को सामान्य कर सकते हैं, अगर आप अश्वगंधा का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर में खून साफ होता है और शरीर के नसों में रक्त संचार सही प्रकार से होता है।

अश्वगंधा का सेवन स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही फायदेमंद माना गया है, अगर आप शिलाजीत का सेवन करते हैं तो बहुत सी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। इसका सेवन करके पुरुषों की कई समस्याएं दूर होती हैं।

Saturday, October 12, 2019

गर्म पानी पीने के चमत्कारी फायदे

एक गिलाश गर्म पानी पीने से दूर करे कई परेशानी



एक कहावत है कि जल ही जीवन है यह बात सही है जल के बिना मनुष्य हो या जानवर कोई भी जीवित नही रह सकता है।गर्म पानी पीने में भले ही अच्छा न लगे लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ आपको जरूर इसे पीने पर मजबूर कर देंगे, यूं तो 8 से 10 गिलाश पानी पीना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन अगर दिन में तीन चार बार गर्म पानी पीने की आदत डाल लिया जाए तो शरीर को बीमारियों से आसानी से बचाया जा सकता है।


गर्म पानी या  गुनगुना पानी बहुत ही लाभदायक होता है,जहां ठंडा पानी पाचन शक्ति को धीमा करता है वहीं गुनगुना पानी पाचन शक्ति सुचारू रूप से चलाता है। गर्म पानी से निकलने वाला भाप साइनस से होने वाले सिरदर्द में आराम पहुचाता है। गर्म पानी पीने से पाचन क्रिया काफी अच्छी रहती है और इससे पेट में गैस नहीं बनता है । खाना खाने के बाद गुनगुना गर्म पानी पीने से खाना जल्दी पच जाता है और पेट हल्का हल्का रहता है, जिन लोगों को गठिया की परेशानी है, उन्हें गर्म पानी जरूर पीना चाहिए। इससे नर्वस सिस्टम भी शांत रहता है। गरम पानी पीने से शरीर का एंडोक्राइन सिस्‍टम सुचारू हो जाता है जिससे पसीना काफी निकलता है। यह एक प्रकार का पसीना होता है जो शरीर से निकल रहा होता है और यह शरीर के लिए लाभदायक होता है। वहीं ऐसा माना जाता है कि गर्म पानी पीने से पेट की चर्बी तेजी से गलती है। इसलिए ऐसा पानी पीना स्वास्थ्य के लिये बेहतर है। गर्म पानी को स्ट्रेस बूस्टर भी कहा जाता है। नींबू और शहद वाला गर्म पानी भी पीने से पेट की  चर्बी तेजी से गलता है।


1. वजन कम करे में सहायक :-

अगर आपका वजन लगातार बढ़ रहा है और आपकी लाख कोशिशों के बावजूद भी कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है तो आप गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर लगातार तीन महीने तक पिएं। आपको फर्क जरूर महसूस होगा, अगर आप ये स्वास्थ्य जल नहीं पीना चाहते हैं तो आप खाना खाने के बाद एक कप गुनगुना गर्म पानी पीना शुरू करें आपको इसका लाभ जरूर दिखेगा।गर्म पानी पीने से शरीर मे अतिरिक्त वसा को भी बाहर निकाल देता है जिससे आपका वजन कम हो जाता है।


2. सर्दी-जुकाम से छुटकारा :-

बदलते मौसम में  अगर छाती में जकड़न और जुकाम की शिकायत रहती है तो गर्म पानी पीना आपके लिए रामबाण से कम नहीं है। गर्म पानी पीने से गला भी ठीक रहता हैऔर गले मे खरास भी नही होता है।गर्म पानी के सेवन से आराम मिलता है।यह शरीर के विषैले पदार्थ को भी बाहर निकाल देता है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

3. पीरियड्स के दर्द में राहत:-

पीरियड्स में अगर आपका सरदर्द रहता है तो गर्म पानी पीने से राहत दिलाता है । इस दौरान गर्म पानी से पेट की सिकांई करने से भी काफी फायदा मिलता है और गर्म पानी पीने से मांसपेशिया की ऐंठन में भी राहत दिलाता है।

4. शरीर को करे डिटॉक्‍स :-

गर्म पानी पीने से शरीर को डिटॉक्‍स करने में मदद मिलती है और यह शरीर की सारी अशुद्धियां को बहुत आसानी से साफ कर देता है। गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ने लग जाता है, जिससे पसीना आता है और इसके माध्यम से शरीर की अशुद्धियां दूर हो जाती हैं ।यह शरीर मे जमे अतिरिक्त वसा को भी हटा देता हूं।


5. उम्र को जवा रखे :-

चेहरे पर झुर्रिया आपको परेशान करने लगती हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। आज ही से गर्म पानी पीना शुरू कर दें और कुछ ही हफ्तों में देंखेगे इसका चमत्कार। त्‍वचा में कसाव आने लगेगा और यह चमकदार ग्लो भी हो जाएगी।

6. बालों के लिए है लाभदायक :-

इसके अलावा गर्म पानी का सेवन से बालों और त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इससे बाल चमकदार बनते हैं और यह इनकी ग्रोथ के लिए के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

7. पेट को रखे सुचारू :-

गर्म पानी पीने से पाचन क्रिया अच्छी रहती है और यह गैस की समस्या में भी राहत दिलाता है। खाना खाने के बाद एक कप गर्म पानी पीने का आदत जरूर डालें। ऐसा करने से खाना जल्‍दी पच जाता है और पेट हल्‍का हल्का रहता है।

8. ब्‍लड  सर्कुलेशन को ठीक रखे :-

शरीर को ठीक से चलाने के लिए खून का संचार पूरी शरीर में सही से होना बहुत जरूरी है और इसमें गर्म पानी पीना बहुत ही लाभदायक रहता है।

9.शरीर में एनर्जी  लाये :-

सॉफ्ट ड्रिंक की जगह गुनगुना पानी या नींबू पानी पीने से आपका एनर्जी लेवल बढ़ेगा और पाचन क्रिया भी सही रहेगा।

10. जोड़ों का दर्द में लाभदायक :-

गर्म पानी पीने से जोड़ो में चिकना बनाता है और जोड़ो का दर्द भी कम करता है। हमारी मांसपेशियों का 80 प्रतिशत भाग पानी से बना हुआ है इसलिए पानी पानी से मांसपेशियों की ऐंठन भी दूर होती है।

Friday, September 27, 2019

सहजन पेड़ नही मानव के लिए वरदान है।

                   एक पेड़ अनेक गुण

सहजन के पेड़ को ड्रमस्टिक(drumstick) या मोरिंगा(Moringa) के नाम से जाना जाता है त्रिकोणीय मुड़ी हुआ फल है। सहजन के फायदे गुण लाभ अनेक है सहजन के पेड़ पर वर्ष में एक बार फूल और फिर फल लगते हैं। इसका फल पतला लंबा और हरे रंग का होता है जो पेड़ के तने से नीचे लटका होता है। सहजन के पेड़ का हर एक हिस्सा बहुत फायदेमंद होता है और खाने के साथ ही बीमारियों के भी इलाज में उपयोग किया जाता है।सहजन औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके अलग-अलग हिस्सों में 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। इसमें 92 तरह के मल्टीविटामिन्स, 46 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 36 तरह के दर्द निवारक और 18 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं। चारे के रूप में इसकी पत्तियों के प्रयोग से पशुओं के दूध में डेढ़ गुना और वजन में एक तिहाई से अधिक की वृद्धि की रिपोर्ट है। यही नहीं इसकी पत्तियों के रस को पानी के घोल में मिलाकर फसल पर छिड़कने से उपज में सवाया से अधिक की बृद्धि होती है। इतने गुणों के नाते सहजन चमत्कार से कम नहीं है।

सहजन का उपयोग :-

सहजन की पत्तियां एवं फूल घरेलू उपचार में हर्बल मेडिसिन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके फूलों एवं फलों को सब्जियों के रूप में उपयोग किया जाता है। सहजन का गुदा और बीज सूप, करी और सांभर में इस्तेमाल किया जाता है। सहजन का सूप इसकी पत्तियों, फूलों, गूदेदार बीजों से बनाया जाता है जो कि बहुत ही पोषक युक्त होता है और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।इसके फूल, फली और टहनियों को अनेक उपयोग में लिया जा सकता है। भोजन के रूप में अत्यंत स्वादिष्ट और पौष्टिक है और इसमें औषधीय गुण भी हैं। इसमें पानी को शुद्ध करने के गुण भी मौजूद हैं। सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है और छाल पत्ती, गोंद, जड़ आदि से दवाएं तैयार की जाती हैं। सहजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में है। सहजन में दूध की तुलना में ४ गुना कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है।

अनेकों अवषधिय गुण :-

सहजन की छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़ें नष्ट होते है और दर्द में आराम मिलता है। सहजन के कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होती है। सहजन की जड़ का काढे को सेंधा नमक और हींग के साथ पीने से मिर्गीसहजन की फली वात व उदरशूल में पत्ती नेत्ररोग, मोच ,शियाटिका ,गठिया में उपयोगी है। सहजन की जड़ दमा, जलोधर, पथरी,प्लीहा रोग के लिए उपयोगी है। छाल का उपयोग शियाटिका ,गठियाए,यकृत आदि रोगों के लिए श्रेयष्कर है। सहजन के विभिन्न अंगों के रस को मधुर,वातघ्न,रुचिकारक, वेदनाशक,पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वातए व कफ रोग शांत हो जाते है, इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया, शियाटिका ,पक्षाघात,वायु विकार में शीघ्र लाभ पहुंचता है, शियाटिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा तीव्र गति से चमत्कारी प्रभाव दिखता है।

सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से शीघ्र ही लाभ मिलने लगता है। सहजन को अस्सी प्रकार के दर्द व बहत्तर प्रकार के वायु विकारों का शमन करने वाला बताया गया है। सहजन की सब्जी खाने से पुराने गठिया ए जोड़ों के दर्दए वायु संचय , वात रोगों में लाभ होता है। सहजन के ताज़े पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है। सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है। सहजन की जड़ की छाल का काढा सेंधा नमक और हिंग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ होता है। सहजन के पत्तों का रस बच्चों के पेट के कीड़े निकालता है और उलटी दस्त भी रोकता है। सहजन फली का रस सुबह शाम पीने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है। सहजन की पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा के दौरों में लाभ होता है। सहजन की पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सुजन ठीक होते है। सहजन के पत्तों को पीसकर गर्म कर सिर में लेप लगाए या इसके बीज घीसकर सूंघे तो सर दर्द दूर हो जाता है। सहजन के बीज से पानी को काफी हद तक शुद्ध करके पेयजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बीज को चूर्ण के रूप में पीस कर पानी में मिलाया जाता है। पानी में घुल कर यह एक प्रभावी नेचुरल क्लैरीफिकेशन एजेंट बन जाता है। यह न सिर्फ पानी को बैक्टीरिया रहित बनाता है बल्कि यह पानी की सांद्रता को भी बढ़ाता है जिससे जीवविज्ञान के नजरिए से मानवीय उपभोग के लिए अधिक योग्य बन जाता है।

सहजन के गोंद को जोड़ों के दर्द और शहद को दमा आदि रोगों में लाभदायक माना जाता है। सहजन में विटामिन सी की मात्रा बहुत होती है। विटामिन सी शरीर के कई रोगों से लड़ता है खासतौर पर सर्दी जुखाम से। अगर सर्दी की वजह से नाक कान बंद हो चुके हैं तोए आप सहजन को पानी में उबाल कर उस पानी का भाप लें। इससे जकड़न कम होगी। सहजन में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है जिससे हड्डियां मजबूत बनती है। इसके अलावा इसमें आयरन , मैग्नीशियम और सीलियम होता है।सहजन का जूस गर्भवती को देने की सलाह दी जाती है। इससे डिलवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलवरी के बाद भी मां को तकलीफ कम होती है। सहजन में विटामिन ए होता है जो कि पुराने समय से ही सौंदर्य के लिये प्रयोग किया आता जा रहा है। इस हरी सब्जी को अक्सर खाने से बुढापा दूर रहता है। इससे आंखों की रौशनी भी अच्छी होती है।सहजन का सूप पीने से शरीर का रक्त साफ होता है। पिंपल जैसी समस्याएं तभी सही होंगी जब खून अंदर से साफ होगा।

सहजन के फूल के फायदे यूटीआई के रोगों में :-

सूजन को कम करने वाली हर्बल क्रीम और मसल्स की पीड़ा को दूर करने वाली क्रीम बनाने में सहजन के फूलों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा सहजन के फूलों का चाय बनाकर पीने से इसमें मौजूद पोषण की वजह से महिलाओं में यूटीआई की समस्या खत्म हो जाती है। इसके अलावा बच्चे को दूध पीलाने वाली महिलाओं को सहजन के फूलों का सेवन करने से दूध बढ़ता है।

सहजन के गुण स्पर्म बढ़ाने में सहायक :-

विटामिन के अलावा जिंक, कैल्शियम और आयरन जैसे मिनरल सहजन (drumstick) में पाये जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। पुरुषों में स्पर्म बनने में जिंक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और कैल्शियम खून की कमी नहीं होने देता है। सहजन की छाल में पाये जाने वाले यौगिक पतले सीमेन (semen) की समस्या को खत्म कर स्पर्म की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं।

सहजन के लाभ वजन घटाने में :-


एक शक्तिशाली मूत्रवर्धक का कार्य करने के कारण सहजन का इस्तेमाल करने से यह वजन घटाने में मदद करता है। यह एंटीबायोटिक और पेनकिलर का भी काम करता है और सूजन एवं दर्द दूर करने में सहायक होता है। इसकी सब्जी खाने से क्षतिग्रस्त कोशिकाओं के मरम्मत में यह मदद करता है।

सेक्स के आनंद के लिए सहजन है गुणकारी :- 

यौन रोगों को दूर कर यौन शक्ति बढ़ाने, उत्तेजना पैदा करने और जननांगों की बीमारियों को दूर करने में भी सहजन का उपयोग बहुत लोकप्रिय है। अच्छा यौन सुख प्राप्त करने के लिए सहजन के फली का उपयोग किया जाता है।

भोजन पचाने में सहायक :-

विटामिन B-कॉम्पलेक्स एवं फोलिक एसिड, पाइरीडॉक्सिन सहजन की पत्तियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है यह ये सभी तत्व भोजन को आसानी से पचने में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं। सहजन के पत्तियों में मौजूद विटामिन पाचन क्रिया को नियंत्रित करते हैं। इसकी सूखी पत्तियों का पावडर गर्म पानी से सेवन किया जा सकता है।

सहजन के फायदे चेहरे पर ग्लो के लिए :- 

पोषक तत्व जैसे विटामिन बी, प्रो विटामिन, बीटा-कैरोटीन और प्रोटीन आदि सहजन के पत्तियों में अधिक मात्रा में पाये जाते हैं। सहजन की पत्तियों का इस्तेमाल चेहरे पर चमक लाने और बालों की अच्छी सेहत के लिए किया जाता है। सहजन की हरी पत्तियों को पीसकर चेहरे एवं बालों में लगाने से फायदा मिलता है।

सहजन के फायदे पानी को शुद्ध करने में :- 

स्वाद में मूली की तरह ही सहजन की जड़ का स्वाद होता है। सहजन का कटा हुआ जड़ की कुछ मात्रा मसालों के रूप में उपयोग की जाती है। इसका प्रयोग परफ्यूम, दवा, उर्वरक और पानी को शुद्ध करने के लिए किया जा सकता है। इसलिए इसके जड़ को बहुत उपयोगी माना जाता है।

सहजन की जड़ के फायदे बीमारियों के इलाज में :- 

एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होने के कारण सहजन की जड़ों का उपयोग बहुत सी बीमारियों को दूर करने में किया जाता है। सहजन अस्थमा, पाचन की बीमारी, गैस, त्वचा की समस्याएं, थायरॉइड और सूजन को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है।

सहजन के तेल के फायदे मुंहासे के लिए :-

सहजन के बीज से तेल निकाला जाता है जो बिना महक के एवं साफ होता है और इस तेल में बेहेनिक एसिड  की अधिक मात्रा पायी जाती है। सहजन के तेल को चेहरे पर लगाने से मुंहासे के दाग धब्बे  एवं ब्लैक स्पॉट दूर हो जाते हैं और चेहरा एकदम साफ हो जाता है। सहजन के बीज का प्रयोग शरीर एवं चेहरे को पोषण देने के लिए फेशियल मास्क और बॉडी मास्क के रूप में भी किया जाता है।h

सहजन की पत्तियों के फायदे पोषक तत्वों के लिए :- 

पालक की ही तरह  सहजन की पत्तियों को पकाकर खाने से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम प्राप्त हो जाता है। इसके अलावा इसके पत्तियों को सूखाकर पावडर का इस्तेमाल किया जा सकता है या  सूप बनाकर पोषक तत्वों को प्राप्त किया जा सकता है।

त्वचा को जवा बनाये रखे :-

त्वचा पर होने वाली कोई समस्या या त्वचा रोग के लिए सहजन बेहद लाभदायक है। इसकी कोमल पत्त‍ियों और फूलों को भी सब्जी के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जो आपको त्वचा की समस्याओं से दूर रखकर जवां बनाए रहने में भी मददगार है।

माहवारी की समस्या में फायदा :-

महिलाओं के लिए सहजन का सेवन फायदेमंद होता है। यह माहवारी संबंधी परेशानियों के अलावा गर्भाशय की समस्याओं से भी बचाए रखता है और बेहतर सेहत प्रदान करता है।

रोग-प्रतिरोधक बढ़ाने में :-

सहजन में विटामिन सी का स्तर उच्च होता है जो आपकी रोग प्रतरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई बीमारियों से आपकी रक्षा करता है। तो अगर बीमारियों को दूर रखना है तो सहजन से दूरी न बनाएं।


बबासीर की समस्या में लाभ :-

बवासीर जैसी समस्याओं का इलाज भी सहजन के पास है। इसका सेवन करते रहने से बवासीर और कब्जियत की समस्या नहीं होती। वहीं पेट की अन्य बीमारियों के लिए भी यह फायदेमंद है।

सहजन के नुकसान :-

सहजन के फायदे आपने जाने लेकिन अधिक मात्रा में सहजन का सेवन से आपको इससे नुकसान भी हो सकता है आइये जानते है सहजन के नुकसान क्या है :-

१  प्रेगनेंट महिलाओं को सहजन का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे गर्भपात का खतरा बना रहता है।

२  सहजन की पत्तियों में लैक्जेटिव गुण होता है जिसकी वजह से पेट गड़बड़ हो सकता है और अधिक सेवन करने पर सीने में जलन और डायरिया हो सकता है।

३  जिन लोगों का रक्त अधिक पतला है और वे किसी दवा का सेवन कर रहे हों उन्हें सहजन का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खून को अत्यधिक पतला कर देता है।





Sunday, September 1, 2019

व्यर्थ की चिंता नही करना चाहिए।(moral story in hindi)

          भगवान पर हमेशा विश्वास करना चाहिये


एक नगर में  बहुत ही पहुंचे हुए संत थे| आस-पास के कई गावों में संत के अनुयायी रहते थे| उन्हीं अनुयाइयों में संत का एक प्रिय शिष्य था सचितानंद| सचितानंद स्वाभाव से बहुत ही सीधा साधा भोला और साधारण व्यक्ति थे| सचितानंद हमेशा भगवान् की भक्ति में डूबा रहते थे| संत हमेशा सचितानंद को आश्रम आने और भक्तों को सही मार्ग दिखाने के लिए कहते लेकिन सचितानंद हमेशा घर परिवार का बहाना  बनाकर  टाल देते थे|

सचितानंद हमेशा कहाँ करते थे, मेरे बिना मेरी स्त्री और पुत्र नहीं रह सकते! मेरे अलावा उनका कोई सहारा नहीं है| मेरे बिना उनका भरण-पोषण कैसे होगा|

संत हमेशा सचितानंद को समझाया करते की यह सब तुम्हारा भ्रम है, जैसा तुम सोचते हो वैसा बिलकुल भी नहीं है, अगर भगवान् ने किसी को जन्म दिया है तो उसके जीवन यापन  के लिए भी उसने कुछ न कुछ वयवस्था ज़रूर किये है| तुम व्यर्थ की चिंता मत करो|

एक दिन जब सचितानंद संत के पास सत्संग के लिए गया तो संत ने फिर सचितानंद को वही फिर बात समझाई और कहा की अगर तुम्हें देखना है तो तुम परीक्षा करके देख सकते हो| सचितानंद मान गये|


संत ने सचितानंद को प्राणायाम के द्वारा साँस रोकने की विद्या सिखा दी| कुछ दिनों बाद जब सचितानंद परिवार के साथ नदी में नहाने गये तो वह साँस रोककर नदी के दूसरी और निकलकर जंगल में छुप गये और संत के आश्रम पहुँच गये|
इधर सचितानंद के परिवार वालों ने सचितानंद को बहुत ढूंढा लेकिन सचितानंद नदी में कहीं नहीं मिले| सचितानंद के परिवार वालों ने यह सोचकर की सचितानंद नदी में डूबकर कहीं दूर बह गये होंगे|


पुरे गाँव में शोक की लहर दौड़ पड़ी| सचितानंद को जानने-पहचानने वालों का सचितानंद के घर ताँता लग गया| संत के सभी अनुयायी भी सचितानंद के घर गए| अनुयाइयों ने देखा की सचितानंद तो बिचारा मर गये और पीछे उनकी स्त्री और बच्चा रह गए है| अब इनके भरण पोषण की ज़िम्मेदारी हम सभी के है , आपस मे विचार किये।

बस फिर क्या था सबने अपनी-अपनी तरफ से सहायता देना शुरू कर दी| किसी ने आटे की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने दाल की ज़िम्मेदारी ली, किसी ने चावल की व्यवस्था करने की ज़िम्मेदारी ली| धीरे-धीरे सारी व्यवस्था हो गई|


संत के अनुयाइयों ने गाँव की ही एक धर्मशाला में कमरा लेकर सदानंद  की स्त्री और उसके पुत्र की जरुरत की सारी चीजे रखवा दी| साथ ही दूध और बाकि खर्चों के लिए उसके महीने का खर्चा बांध दिया| इस तरह संत की अनुयाइयों ने बिना संत के कुछ कहे ही सदानंद  के परिवार के लिए सारी व्यवस्था कर दी।

कुछ दिनों बाद सचितानंद  की स्त्री संत के दर्शन हेतु आश्रम आई| संत ने सचितानंद की स्त्री से पुछा, “तुम्हें कोई तकलीफ तो नहीं है ?

सचितानंद की स्त्री ने हाथ जोड़ते हुए विनम्रतापूर्वक जवाब दिया, महाराज! जो व्यक्ति चला गया उसकी पूर्ति तो नहीं की जा सकती, लेकिन हमारा जीवन निर्वहन पहले से भी अच्छा हो रहा है|

संत ने आश्चर्य से पूछा, पहले से भी अच्छा कैसे ?
सचितानंद की स्त्री ने आदर पूर्वक जवाब देते हुए कहा, महाराज! आपके अनुयाइयों ने ज़रूरत की सभी चीजे पहले ही धर्मशाला में रखवा दी है और मेरे जरुरी खर्चों के लिए भी रुपये बांध दी है| अब जब भी जिस भी वास्तु की जरुरत होती है सब मिल जाता है|

इधर सचितानंद आश्रम के अन्दर बैठा साथ और उसकी स्त्री की सारी बातें सुन रहा था| सचितानंद की स्त्री के जाने के बाद संत ने सचितानंद से कहा की तू अब अपने घर जाकर देखो की जो तुम्हारी स्त्री ने कहा क्या वह सत्य है या फिर नहीं|
सचितानंद रात के समय अपने घर गया और बाहर से ही दरवाजा खटखटाया| सचितानंद की स्त्री ने अन्दर से ही पूछा, कौन है ?

सचितानंद बोला, में हूँ…तुम्हारा पति, दरवाजा खोलो। सचितानंद की आवाज सुनकर सचितानंद की स्त्री ने सोचा की सचितानंद की तो मृत्यु हो चुकी है| यह जरुर सचितानंद का भुत होगा|

सचितानंद की स्त्री बोली, नहीं! में दरवाजा नहीं खोलती
सचितानंद बोला, मैं मरा नहीं हूँ… तुम दरवाजा खोलो।
सचितानंद की स्त्री बोली, बच्चे अगर तुम्हें देखेंगे तो डर के मारे उनके प्राण निकल जाएँगे| इसलिए कृपा करके आप चले जाओ|


सचितानंद बोला, लेकिन मेरे बिना तुम्हारा काम कैसे चलेगा ?
स्त्री बोली, संत के अनुयाइयों की कृपा से पहले से भी बढ़िया काम चल रहा है| आप चिंता मत करो! बस आप कृपा करके यहाँ से चले जाओ|


सचितानंद बोला, तुम्हें कोई दुःख तो नहीं ?
स्त्री बोली,  अभी तो बस यही दुःख है की आप आ गए| बस आप न ऐ तो फिर कोई दुःख नहीं| कृपा करके आप मत आइये|

शिक्षा :-

व्यर्थ की चिंता नही करि चाहिए इंसान चिंता कर कर के अनेक रोग बीमारी को बुलावा देता है। भगवान जिस भी जीव को जन्म दिए है उनका भरण- पोषण के लिए कोई न कोई वयवस्था जरूर किये रहते है। अतः हमें भगवान पर हमेशा विश्वास करना चाहिये।

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